


हरिद्वार

मानसून सीजन की दस्तक से पहले हरिद्वार नगर निगम की लापरवाही एक बार फिर उजागर हो रही है। हर वर्ष की तरह इस बार भी बारिश के मौसम में नाले उफान पर आने की आशंका है,



लेकिन अभी तक नगर निगम ने बड़े नालों की सफाई के लिए टेंडर तक जारी नहीं किए हैं। नगर निगम प्रशासन अब तक केवल टेंडर प्रक्रिया की तैयारी में ही व्यस्त है।



नगर निगम की इस सुस्ती को लेकर शहर के व्यापारी वर्ग में नाराजगी है। व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की मशीनों से सफाई नहीं हुई तो भारी बारिश के दौरान बाजारों और रिहायशी इलाकों में पानी भरना तय है। दुकानों और घरों में कई फुट तक पानी भरने से व्यापार और जनजीवन दोनों प्रभावित होते हैं।


व्यापारी नेताओं ने नगर आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
शहर के प्रमुख व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्य नगर आयुक्त से मुलाकात कर उन्हें मानसून पूर्व सफाई कार्य शीघ्र शुरू करने की मांग की है। व्यापारियों ने साफ शब्दों में कहा कि यदि जेसीबी मशीनों द्वारा बड़े नालों की सफाई तुरंत शुरू नहीं की गई, तो इस बार हालात और भी भयावह हो सकते हैं।


हर साल दोहराई जाती है यही कहानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई को लेकर देर करता है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है। नालों में जमी गाद और प्लास्टिक कचरे के कारण जल निकासी बाधित होती है, जिससे जलभराव की समस्या विकराल रूप ले लेती है।


जनहित में तत्काल कार्रवाई की मांग
व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से मांग की है कि मानसून से पहले शहर के प्रमुख नालों की जेसीबी से सफाई की जाए और जहां आवश्यक हो, वहां अतिरिक्त पंपिंग मशीनों की व्यवस्था की जाए, ताकि जलभराव से बचा जा सके।



