हाथीपांव, क्लाउड एंड और दुधली क्षेत्र में अवैध फेंसिंग पर वन विभाग की सख्ती, डीएफओ ने दिए कार्रवाई के निर्देश

हाथीपांव, क्लाउड एंड और दुधली क्षेत्र में अवैध फेंसिंग पर वन विभाग की सख्ती, डीएफओ ने दिए कार्रवाई के निर्देश

रिपोर्टर – सुनील सोनकर
स्थान – मसूरी

मसूरी के हाथीपांव, क्लाउड एंड और दुधली क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही में बाधा बन रही अवैध फेंसिंग को लेकर वन विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) अमित कंवर ने गुरुवार को इन क्षेत्रों का निरीक्षण किया और स्वयं मौके पर फेंसिंग को हटवाया।

हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में देखा गया कि स्थानीय भूमाफियाओं द्वारा सड़क किनारे की गई लोहे की फेंसिंग में कई जंगली जानवर फंस कर घायल हो रहे हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए डीएफओ ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर फेंसिंग को काटकर वन्यजीवों के लिए मार्ग खोला गया, साथ ही संबंधित क्षेत्र के वन अधिकारियों को दो दिन के भीतर जेसीबी के माध्यम से फेंसिंग हटाने का निर्देश दिया गया। डीएफओ कंवर ने बताया कि इन अवैध फेंसिंग के कारण जानवरों की आवाजाही, प्रजनन और भोजन की व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जो वन्यजीवों के प्राकृतिक जीवन पर प्रतिकूल असर डाल रहा है।

उन्होंने कहा, “वन्यजीवों के लिए उनके प्राकृतिक गलियारों का सुरक्षित रहना बेहद आवश्यक है। फेंसिंग जैसे अतिक्रमण वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन हैं और इनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।”

निरीक्षण के दौरान फाइवेट फॉरेस्ट लैंड मालिकों से भी बातचीत की गई और उन्हें निर्देशित किया गया कि वे जंगलों या सड़क किनारे किसी भी प्रकार की फेंसिंग न करें। साथ ही, डीएफओ ने चेतावनी दी कि यदि कोई अधिकारी इस मुद्दे पर लापरवाही बरतता पाया गया, तो उसके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने स्थानीय समुदायों से भी अपील की कि वे वन विभाग का सहयोग करें, ताकि पर्यावरणीय संतुलन और जैव विविधता की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। डीएफओ ने कहा, “वन विभाग वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी ऐसे किसी भी अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”