भैरव मंदिर निर्माण को लेकर श्रीनगर में सियासत गरमाई, डॉ. धन सिंह और गणेश गोदियाल आमने-सामने

भैरव मंदिर निर्माण को लेकर श्रीनगर में सियासत गरमाई, डॉ. धन सिंह और गणेश गोदियाल आमने-सामने

रिपोर्ट : भगवान सिंह
स्थान : पौड़ी गढ़वाल

भैरवखाल स्थित प्राचीन भैरव मंदिर के पुनर्निर्माण को लेकर श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में राजनीति गरमा गई है। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक गणेश गोदियाल के बीच तीखी बयानबाज़ी ने स्थानीय राजनीति को नई धार दे दी है।

डॉ. धन सिंह रावत ने हाल ही में अपने एक सार्वजनिक बयान में दावा किया कि कुछ तत्व, जिन्हें उन्होंने “अकबर–बाबर के अनुयायी” करार दिया, मंदिर के भव्य निर्माण का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम राम भगवान के अनुयायी हैं, और भैरव मंदिर का पुनर्निर्माण पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ किया जाएगा। आने वाले दिनों में भैरवखाल एक धार्मिक तीर्थ के रूप में स्थापित होगा।”

इसके जवाब में कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल ने तीखा पलटवार करते हुए कहा, “‘अकबर–बाबर के अनुयायी’ का ठप्पा पहले खुद डॉ. धन सिंह पर ही लग चुका है। उन्होंने पिछले वर्ष बिंदेश्वर महादेव मंदिर के निर्माण कार्य में अवरोध डाला था। अब वही हमें आस्था का पाठ पढ़ा रहे हैं।”

दोनों नेताओं की इस जुबानी जंग ने मंदिर निर्माण के मुद्दे को सियासी जामा पहना दिया है। स्थानीय जनता जहां मंदिर पुनर्निर्माण को लेकर भावुक है, वहीं प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई स्पष्ट दिशा तय नहीं हो पाई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी पंचायत व निकाय चुनावों से पहले यह मुद्दा और उभार ले सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि धार्मिक आस्था, प्रशासनिक प्रक्रिया और राजनीतिक रणनीति के इस त्रिकोण में भैरवखाल मंदिर का भविष्य किस ओर मुड़ता है।