देहरादून में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने की “काफल पार्टी”, उत्तराखंडी फलों के संरक्षण और प्रचार पर दिया जोर

देहरादून में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने की “काफल पार्टी”, उत्तराखंडी फलों के संरक्षण और प्रचार पर दिया जोर

स्थान : देहरादून

उत्तराखंड की संस्कृति और पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आज देहरादून में विशेष रूप से “काफल पार्टी” का आयोजन किया। यह कार्यक्रम उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाने वाला औषधीय गुणों से भरपूर फल काफल को समर्पित रहा, जिसे गर्मियों में बेहद पसंद किया जाता है।

कार्यक्रम का आयोजन “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत भारतीय सेना के वीर जवानों को समर्पित था, लेकिन इस अवसर पर हरीश रावत ने राज्य के स्थानीय फलों व उत्पादों के संरक्षण और प्रचार-प्रसार की महत्ता पर भी बल दिया।

काफल: स्वाद और औषधीय गुणों का खजाना

हरीश रावत ने कहा,

“उत्तराखंड के फल जैसे काफल न सिर्फ स्वादिष्ट हैं, बल्कि उनमें औषधीय गुण भी होते हैं। मेरा उद्देश्य है कि इनका व्यापक प्रचार हो ताकि लोग इनके स्वास्थ्य लाभ से परिचित हों और स्थानीय लोगों को इससे रोजगार के अवसर भी मिलें।”

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आम नागरिकों, युवाओं, संस्कृति प्रेमियों और पत्रकारों ने हिस्सा लिया। सभी को काफल फल परोसा गया और इसके पारंपरिक महत्व की जानकारी भी दी गई।

उत्तराखंडी पहचान को बढ़ाने की कोशिश

पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि राज्य की पहचान सिर्फ हिमालय और चारधाम से नहीं, बल्कि उसके लोकपर्व, फल, संस्कृति और उत्पादों से भी बनती है। ऐसे आयोजन उत्तराखंड की “लोकल टू ग्लोबल” सोच को बल देते हैं।

सारांश:

  • देहरादून में हरीश रावत ने आयोजित की “काफल पार्टी”
  • सेना को समर्पित “ऑपरेशन सिंदूर” कार्यक्रम का हिस्सा
  • काफल जैसे फल को प्रचारित कर स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने पर बल
  • उत्तराखंडी उत्पादों को देशभर में पहचान दिलाने की पहल