

मसूरी

मसूरी कैमल बैक रोड स्थित दिलाराम एस्टेट में पिछले 40 से 50 वर्षों से रह रहे 14 परिवारों को बुधवार को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के तहत हटाया गया। सिटी मजिस्ट्रेट देहरादून के निर्देश पर यह कार्रवाई नायब तहसीलदार कमल राठौर के नेतृत्व में की गई।



प्रशासनिक टीम के मौके पर पहुंचते ही भारी पुलिस बल की मौजूदगी में 14 परिवारों द्वारा कब्जा किए गए कमरों को खाली कराया गया। इस दौरान लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे दशकों से यहां रह रहे हैं और पूर्व में जब उन्हें हटाने की कोशिश की गई थी, तो उन्होंने जिला जज देहरादून की अदालत में मुकदमा दायर किया था, जिसकी अगली सुनवाई 24 मई को तय है।



प्रभावित लोगों का आरोप है कि न्यायिक प्रक्रिया जारी होने के बावजूद प्रशासन द्वारा उनके कमरों को जबरन खाली कराना गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि उनके पास रहने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है और वे जल्द ही जिला जज व उच्च न्यायालय की शरण लेंगे।



नायब तहसीलदार कमल राठौर ने बताया कि दिलाराम एस्टेट में 22 लोगों द्वारा अनाधिकृत रूप से कब्जा किया गया था, जिनमें से 8 लोगों ने उच्च न्यायालय से स्थगनादेश (स्टे) प्राप्त कर लिया है। शेष 14 लोगों पर पूर्व में विधिक नोटिस जारी किए गए थे और 14 मई को अतिक्रमण हटाने की तिथि तय की गई थी। उक्त कमरों को शांतिपूर्वक खाली कराकर संपत्ति को उसके वास्तविक स्वामी यमन हैदर पुत्र एमएस हैदर को सौंप दिया गया है।


मसूरी कोतवाल संतोष कुमार ने जानकारी दी कि पहले भी इस अतिक्रमण को हटाने का प्रयास किया गया था, लेकिन तब सफलता नहीं मिल सकी थी। इस बार सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर कार्रवाई की गई, जिसमें पुलिस और प्रशासन की टीम ने संयमित और शांतिपूर्ण ढंग से अतिक्रमण हटाया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह जमीन “शत्रु संपत्ति” नहीं है, और इसके संबंध में प्रशासन के पास कोई जानकारी नहीं है।



