


रिपोर्ट -: आसिफ इक़बाल
लोकेशन-: रामनगर

रामनगर में एक संपत्ति को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है और राजनीतिक रंग ले चुका है। स्थानीय व्यापारी नीरज अग्रवाल ने कांग्रेस नेता रणजीत रावत पर अपने पुश्तैनी मकान पर कब्जा कराने का गंभीर आरोप लगाया है। जवाब में कांग्रेस नेता रणजीत रावत ने उक्त भवन को कांग्रेस कार्यालय बताया और प्रशासन पर मिलीभगत से कब्जा करवाने का आरोप लगाया।


इस घटनाक्रम के बाद रामनगर में हालात तनावपूर्ण हो गए। पुलिस को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई बार बल प्रयोग करना पड़ा, जिसमें हल्का लाठीचार्ज भी शामिल रहा। दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।



मामले में उतरे कांग्रेस के दिग्गज नेता
यह विवाद अब सिर्फ एक व्यक्ति की संपत्ति का नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक घमासान का केंद्र बन चुका है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा, हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश, जसपुर विधायक आदेश चौहान, सल्ट ब्लॉक प्रमुख और कांग्रेस के कई वरिष्ठ कार्यकर्ता मौके पर पहुंच चुके हैं।



प्रशासन की मुश्किलें बढ़ीं, अब भी समाधान अधर में
स्थानीय प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। विवाद को लेकर पूरे उत्तराखंड में राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

प्रशासन का कहना है कि स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मामले की जांच की जा रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।


स्थिति बनी हुई है तनावपूर्ण
स्थानीय व्यापारियों में भी इस घटना को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच हो और किसी भी प्रकार की जबरदस्ती या राजनीतिक दबाव को न स्वीकारा जाए।



विशेष:
यदि यह मामला जल्दी सुलझाया नहीं गया, तो आगामी दिनों में इसके और अधिक राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव पड़ सकते हैं।



