अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर मजदूर संगठनों का संयुक्त प्रदर्शन

अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर मजदूर संगठनों का संयुक्त प्रदर्शन

लोकेशन :- लालकुआँ
रिपोर्टर :- मुन्ना अंसारी

अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस के अवसर पर भाकपा (माले), अखिल भारतीय किसान महासभा, ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (ऐक्टू) समेत कई संगठनों ने संयुक्त रूप से एकत्र होकर मई दिवस मनाया। इस अवसर पर वक्ताओं ने मज़दूरों के ऐतिहासिक संघर्षों, बलिदानों और वर्तमान चुनौतियों पर विचार रखते हुए आंदोलन तेज़ करने की बात कही।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में 1 मई 1886 को अमेरिका के शिकागो शहर में हुए ऐतिहासिक मज़दूर आंदोलन को याद किया, जब 8 घंटे काम के दिन की माँग को लेकर सड़कों पर उतरे मज़दूरों पर गोली चलाई गई थी और कई मज़दूर शहीद हो गए थे। उन्होंने कहा कि उन शहीदों की कुर्बानी से पूरी दुनिया में श्रमिक अधिकारों की दिशा बदली और आज भी मज़दूरों के संघर्ष की प्रेरणा वहीं से मिलती है।

प्रदर्शनकारियों ने “मई दिवस अमर रहे”, “मई दिवस के शहीदों को लाल सलाम”, “मजदूर विरोधी श्रम कोड वापस लो”, “इंकलाब जिंदाबाद”, और “फासीवाद मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए। उन्होंने कहा कि आज भी मज़दूर वर्ग को निजीकरण, ठेका प्रथा, मजदूरी में कटौती और असुरक्षित रोजगार जैसी समस्याओं से लड़ना पड़ रहा है।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के श्रमिकों, किसानों, महिलाओं और छात्रों ने भी हिस्सा लिया। आयोजकों ने सरकार से मज़दूरों के हित में बनाए गए पुराने श्रम कानूनों को बहाल करने और नए श्रम कोड को रद्द करने की माँग की।

कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा और अंत में मई दिवस के शहीदों को श्रद्धांजलि देकर सभा समाप्त की गई।