लोहाघाट में पेयजल संकट पर जनता का उबाल, अनिश्चितकालीन आंदोलन की शुरुआत

लोहाघाट में पेयजल संकट पर जनता का उबाल, अनिश्चितकालीन आंदोलन की शुरुआत

स्थान लोहाघाट ( चंपावत)
रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट

मुख्यमंत्री के जिले आदर्श चंपावत के लोहाघाट नगर में बढ़ते पेयजल संकट के खिलाफ जनता का सब्र टूट गया है। गुरुवार को लोहाघाट विकास संघर्ष समिति के बैनर तले क्षेत्रीय नागरिकों ने एसडीएम कार्यालय लोहाघाट में सरयू लिफ्ट पेयजल योजना के निर्माण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया।

आंदोलन का नेतृत्व संघर्ष समिति के अध्यक्ष विपिन गोरखा ने किया। जनता की प्रमुख मांग सरयू लिफ्ट पेयजल योजना की शीघ्र शुरुआत है, जिससे नगर और ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल समस्या का समाधान हो सके। आंदोलन के दौरान महिलाओं में इस मुद्दे को लेकर गहरा आक्रोश देखने को मिला।

वर्षों से उपेक्षित है पेयजल समस्या

लोहाघाट नगर की जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है। नोलो, धारों और हैंड पंपों से पेयजल ढोने को मजबूर लोग सरकार और प्रशासन की ओर से कोई राहत न मिलने से निराश हैं। नगरवासी आरोप लगा रहे हैं कि जल संस्थान द्वारा उन्हें दूषित पानी और महीनों तक पानी की कमी दी जाती है, जबकि वे सालभर का बिल समय पर चुकता करते हैं।

जन आंदोलन और सियासी वादे

संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि जब तक सरकार सरयू लिफ्ट योजना का कार्य शुरू नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने भा.ज.पा. के जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनावों के दौरान उन्होंने इस योजना का वादा किया था, लेकिन आज तक उस वादे पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

अध्यक्ष विपिन गोरखा ने कहा, “यह आंदोलन पूरी तरह से एक जन आंदोलन है। हम सभी नगरवासियों से अपील करते हैं कि वे अधिक से अधिक संख्या में जुड़ें और पेयजल समस्या का समाधान मांगें।”

समर्थन और आगे की योजना

इस आंदोलन को नगर की जनता और पूर्व सैनिकों का समर्थन प्राप्त है। धरने में महेंद्र सिंह, हयात सिंह, रमेश सिंह, रंजीत अधिकारी, राजू भैया, और कई अन्य प्रमुख नागरिक शामिल हुए। आंदोलन के नेताओं ने कहा कि अगर सरकार ने जल्द कोई कदम नहीं उठाया, तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा