

रिपोर्टर -पंकज सक्सेना

स्थान-हल्द्वानी

उत्तराखंड में स्मार्ट मीटर को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी सियासी जंग छिड़ गई है। एक ओर जहां कांग्रेस इसे आम जनता के लिए नुकसानदायक बता रही है, वहीं भाजपा इसे आधुनिकीकरण और पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम बता रही है।



कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत का पलटवार
आज एक प्रेस वार्ता के दौरान कालाढूंगी विधायक और भाजपा के वरिष्ठ नेता बंशीधर भगत ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि,

“कांग्रेस केवल विरोध की राजनीति कर रही है। स्मार्ट मीटर से लोगों को सुविधा मिलेगी, लेकिन कांग्रेस बौखलाहट में तोड़फोड़ और अफवाहें फैलाने का काम कर रही है।“


उन्होंने आगे कहा कि पूर्व कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ और रणजीत सिंह रावत जैसे नेता स्मार्ट मीटर तोड़ने जैसी अराजकता पर उतर आए हैं, जो उनकी हताशा का संकेत है।
भाजपा का दावा — स्मार्ट मीटर से मिलेंगी सुविधाएं
भाजपा नेताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को बिलिंग में पारदर्शिता, रियल टाइम डेटा और ऑनलाइन मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

“स्मार्ट मीटर आधुनिक भारत की आवश्यकता हैं। इससे न केवल बिजली की चोरी रुकेगी बल्कि उपभोक्ता खुद अपनी खपत पर नजर रख सकेंगे।” — बंशीधर भगत
कांग्रेस का विरोध जारी
कांग्रेस का कहना है कि स्मार्ट मीटरों में तकनीकी खामियां, अनुचित बिलिंग और जनता की जेब पर बोझ जैसी समस्याएं हैं। उन्होंने सरकार पर बिना जनसहमति के जबरन मीटर थोपने का आरोप लगाया है।


राजनीति गर्म, जनता असमंजस में
स्मार्ट मीटर को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं, लेकिन आम जनता के बीच मिश्रित प्रतिक्रिया है। कुछ लोग इसे तकनीकी सुधार मान रहे हैं, तो कुछ इसकी बिलिंग व्यवस्था से असहमत हैं।


