

सचिन कुमार
देहरादून

अब प्रदेश के हर गांव में मिलेगा सही मात्रा में राशन, ई-पास मशीनों और इलेक्ट्रॉनिक कांटों से होगी निगरानी
उत्तराखंड में राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के सभी गोदामों पर इलेक्ट्रॉनिक कांटे लगाए गए हैं, जिससे तौल में गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। राशन विक्रेताओं को अब इलेक्ट्रॉनिक तौल के बाद ही खाद्यान्न वितरित किया जाएगा।



इसके साथ ही, अप्रैल महीने से ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिलों में नवीन ई-पास मशीनों से राशन वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। मई महीने से प्रदेश के सभी 13 जिलों में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।

ई-पास मशीनों से होगा ऑनलाइन राशन वितरण
प्रदेश की खाद्य मंत्री रेखा आर्या ने जानकारी दी कि ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार के सभी उचित दर विक्रेताओं को नवीन ई-पास मशीनों का वितरण किया जा रहा है। अप्रैल से इन दो जिलों में ऑनलाइन खाद्यान्न वितरण शुरू कर दिया जाएगा, जिससे बेनामी कार्डधारकों की पहचान की जा सकेगी और सही लाभार्थियों को ही राशन मिलेगा।


खाद्य मंत्री ने बताया कि इस नई प्रणाली के तहत हर राशन दुकान से होने वाले लेन-देन की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी। इससे कालाबाजारी और राशन की चोरी पर रोक लगेगी और जरूरतमंदों को सही मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध होगा।

मई से पूरे प्रदेश में लागू होगी नई व्यवस्था
खाद्य विभाग के अनुसार, मई 2025 तक उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में यह नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि सभी उचित दर विक्रेताओं को ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ा जाए,


जिससे राज्य में राशन वितरण पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त हो।
इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को पूरा और सही राशन मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं, खाद्यान्न आपूर्ति में गड़बड़ी करने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जा सकेगी।



