“रामनगर के सरकारी स्कूल में शिक्षकों की कमी, अभिभावकों ने उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

“रामनगर के सरकारी स्कूल में शिक्षकों की कमी, अभिभावकों ने उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

रामनगर के रामपुर गांव में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। शिक्षा विभाग के “सबको शिक्षा” देने के दावे इस सरकारी स्कूल में हवाई साबित हो रहे हैं। यहां कुल 43 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन लंबे समय से इस स्कूल में केवल एक ही शिक्षक पढ़ा रहे थे, जो 31 मार्च को रिटायर हो गए।



स्कूल में शिक्षक की नियुक्ति न होने के कारण हर रोज़ अन्य स्कूलों से शिक्षक आकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। इससे न सिर्फ रामपुर गांव के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है, बल्कि जिन स्कूलों से शिक्षक यहां आ रहे हैं, वहां के बच्चों की शिक्षा पर भी असर पड़ रहा है।

गांव के बच्चों और उनके अभिभावकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब गरीब बच्चों को शिक्षा की सुविधाएं नहीं मिल सकतीं, तो उनके बच्चों का भविष्य कहां जाएगा। उन्होंने शिक्षा विभाग से शीघ्र स्थाई शिक्षक की नियुक्ति की मांग की। अभिभावकों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर शिक्षक की तैनाती नहीं की गई, तो वे खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आमरण अनशन करेंगे।


यह समाचार उस मुद्दे को व्यापक रूप से प्रस्तुत करता है, जिसमें शिक्षा विभा