

स्थान – रानीखेत

रिपोर्टर – संजय जोशी

ताड़ीखेत ब्लाॅक के ग्राम सौनी – देवलीखेत तथा जालीखान में नई अंग्रेजी शराब की दुकान खोलने का ग्रामीणों ने विरोध किया है। ग्रामवासियों ने बैठक कर शराब की दुकान खुलने पर आंदोलन की चेतावनी


ग्राम सौनी – देवलीखेत के ग्रामवासियों की संयुक्त बैठक में शराब की दुकान खोले जाने का एक स्वर में विरोध किया गया। बैठक में कहा गया कि ग्राम-सोनी-देवलीखेत में नई अंग्रेजी शराब की दुकान खोलने बावत टेण्डर नोटिस प्रकाशित हुआ है। बैठक में ग्रामीणों ने नई शराब की दुकान खोलने का विरोध करते हुए कहा कि सोनी-देवलीखेत ग्रामीण क्षेत्र है। यहां इण्टर काॅलेज, बिनसर महादेव का पौराणिक मन्दिर व पर्यटन हेतु सोनी-बिनसर का संरक्षित वनक्षेत्र है। नई शराब की दुकान खुलने से यहाँ के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ एवं नशे की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलेगा।कहा कि क्षेत्र पहले से ही पलायन के दंश को झेल रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में व्यवसाय हेतु रोजगार के कोई साधन उपलब्ध नहीं हैं। नई अंग्रेजी शराब की दुकान खुलने से क्षेत्र की शान्ति भंग होने का अंदेशा है।यह भी कहा कि सोनी-देवलीखेत में बिनसर महादेव मन्दिर है। जहाँ पर वर्ष भर मन्दिर में श्रद्धालु आते-जाते रहते हैं। नई अंग्रेजी शराब की दुकान खुलने से मन्दिर में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों में विघ्न होने का अंदेशा है। ग्रामीणों ने ताड़ीखेत विकास खंड के जालीखान में भी शराब की दुकान का टैंडर निरस्त करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जालीखान व आसपास कई विद्यालय और धार्मिक स्थल है । स्थानीय जनभावना को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा प्रकाशित मदिरा टेण्डर विज्ञप्ति को निरस्त करना चाहिए, यदि टेण्डर द्वारा दुकान आवंटित की जाती है तो स्थानीय स्तर पर इसके विरोध में जनआन्दोलन किया जायेगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। इस संबंध में संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत को ज्ञापन दिया गया।



ज्ञापन देने वालो में ग्राम प्रधान सौला द्वितीय ग्राम प्रधान सौनी विक्रम, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख प्रेम अधिकारी, लछि राम ग्राम प्रधान हिड़ाम, आनंद बलभ उप्रेती, चंदन सिंह मेहरा, भुवन चंद्र गुणवंत, दीपा अधिकारी, दुर्गा राम, पूरन चंद्र पांडेय, तुलसी बिष्ट, मुन्नी बिष्ट, कलावती बिष्ट, पूर्व ग्राम प्रधान राजेन्द्र सिंह बिष्ट, रेखा अधिकारी, कमला अधिकारी, मोहन सिंह बिष्ट, मुन्नी देवी, गोपाल सिंह, पदम सिंह, नरेंद्र सिंह, गोपाल सिंह, सुशीला देवी, तुलसी देवी, दीपा देवी आदि ग्रामीण शामिल रहे।



