

रिपोर्टर – इलाम सिंह चौहान, चकराता

जिला प्रशासन देहरादून एवं चकराता वन प्रभाग द्धारा संयुक्त रूप से चिरमिरी के ठाणा डांडा में वन पंचायत सम्मेलन आयोजित किया गया ।



जिसमें राज्य के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने शिरकत की। वन पंचायत सम्मेलन को को संबोधित करते हुए उन्होंने वन पंचायतों के गठन करने वह इसके उद्देश्यों को लेकर कहा कि वर्तमान समय में देश दुनिया के सामने वनों को तन एक बड़ी चुनौती है जिसमें स्थानीय समुदाय के लोगों की सहभागिता बहुत आवश्यक है साथ ही जो लोग वनों को आग से बचाने का काम करेगें उन्हें सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। जिसके लिए विधिवत बजट में भी प्रावधान किया गया है साथ ही वनों के संरक्षण के लिए सरकार द्वारा 61 डेस्टिनेशन स्थापित किया जा रहे हैं जिसमें स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और वनों की रक्षा भी होगी। इस अवसर पर वन पंचायतों को 15-15 हजार रुपए के चेक भी वितरित किए गए और आग को बुझाने वाले उपकरण भी वन पंचायत की टीम को दिये गये।



कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे क्षेत्रीय विधायक प्रीतम सिंह ने वन मंत्री से कहा कि मेरे क्षेत्र के लोगों को ब्रिटिश काल से वनों की रक्षा करने के लिए प्रत्येक गांव को माफी की लकड़ी दी जाती थी। मगर जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है नियमित तौर पर क्षेत्र के लोगों को माफी की लकडी नहीं मिल रही है। जबकि हर साल वन निगम को चकराता के जंगलों से हजारों की तादाद में लकडी मिल जाती है। ये मेरी क्षेत्र की जनता के हक पर डाका है जिसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर जिलाधिकारी देहरादून सभी ने बंसल सहित जिले के आल्हा अधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।




