

नैनीताल।


नैनीताल जनपद मुख्यालय सहित जनपद के अधिकांश क्षेत्रों में रात्रि से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के फलस्वरूप नगर के प्रमुख पर्यटन स्थल टिफिन टॉप-डॉर्थी सीट में रात्रि में बड़ा भूस्खलन हुआ है। यहां अंग्रेजी दौर से प्रमुख पर्यटन स्थल डोरोथी सीट, जो कि एक बड़ी चट्टान पर नैनीताल नगर के पूर्वी पहाड़ के तल्लीताल से लेकर नयना पीक पर नैनी झील सहित पूरे नगर के बिना किसी उपकरण के अनूठे दर्शन कराता था, रेलिंग वाले मुख्य स्थल से लेकर इस तरह चढ़ने के लिये बनी सीढ़ियों तक पूरा भूस्खलन से ध्वस्त हो गया है, इतिहास बन गया है।


गनीमत रही है कि यह पूरी विशाल चट्टान वहीं करीब ही घने जंगल में पेड़ों के बीच फंसकर रुक गयी है, अन्यथा इससे शेरवुड कॉलेज के आउट हाउस क्षेत्र सहित अन्य आबादी को भी नुकसान पहुंच सकता ।रात्रि करीब 11 बजे हुई इस घटना के बाद सूचना मिलते ही एडीएम पीआर चौहान, एसडीएम प्रमोद कुमार, जनपद के आपदा प्रबंधन अधिकारी शैलेश कुमार पूरी प्रशासनिक टीम, एसडीआरएफ एवं वन विभाग के कार्मिक मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया, अलबत्ता रात्रि में घना अंधेरा, बारिश व कोहरे की वजह से कुछ भी नजर नहीं आया। सुबह से भी तेज बारिश के कारण मौके की फोटो नहीं खींचे जा सकी।आपदा प्रबंधन अधिकारी शैलेश कुमार ने बताया कि आज प्रशासन की टीम पुनः जाकर वहां सीढ़ियों से आगे लोग न जाएं इस हेतु तारबाड़ करने सहित अन्य जरूरी सुरक्षात्मक कार्य करने जाएगी।


क्षेत्र के निवर्तमान सभासद मनोज साह जगाती ने बताया कि वह बरसों से यहां चट्टान में पड़ी दरार को देखते हुए इस पर्यटन स्थल पर के अस्तित्व को बचाने के लिये हर स्तर पर गुहार लगा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने केवल प्रस्ताव बनाने से आगे ढेले भर का कार्य नहीं किया। जिसका परिणाम आज सामने आया है।बीते 24 घंटों में नैनीताल जनपद में बेतालघाट क्षेत्र में सर्वाधिक 53.2 मिमी, नैनीताल और हल्द्वानी क्षेत्र में 33-33 मिमी, श्री कैंचीधाम क्षेत्र में 17, कालाढुंगी में 16 व रामनगर में 13.6 तथा अन्य क्षेत्रों में 2 मिमी से कम बारिश हुई है


बारिश के कारण नैनीताल जनपद में 3 राज्य मार्ग-रामनगर भंडारपानी, गर्जिया बेतालघाट व हल्द्वानी-कालाढुंगी तथा 9 ग्रामीण मार्ग मलबा आने व भूस्खलन के कारण बंद हो गये हैं। इनमें डॉनपरेवा, फतेहपुर-बेल, अंबेडकर ग्राम रिखोला, भल्यूटी, लमजाला, देवीपुरा-सौड़, कोटाबाग-देवीपुरा, मोरनौला-भीड़ापानी व पिनसालीधार-पिनसेला बंद हैं, अलबत्ता किसी तरह जान-माह की ताजा जानकारी नहीं है। इधर जिला मुख्यालय में रात्रि से ही विद्युत आपूर्ति भी बाधित है। ओखलकांडा क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है।


