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रिपोटर – ब्यूरो रिपोट

स्थान -रूडकी

मंगलौर कोतवाली क्षेत्र की एक शुगर मिल में काम करते समय दो कर्मचारियों के ऊपर हीटर का डाला गिरने से मौत हो गई, जिसके बाद मिल में काम कर रहे अन्य कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल हो गया, मौके पर भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने फैक्ट्री के बाहर हंगामा शुरू कर दिया, जिसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, पुलिस ने दोनों कर्मचारियों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है और मामले की छानबीन में जुट गई है।बता दें कि रुड़की की मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के लिब्बरहेड़ी गांव स्थित दिल्ली-हरिद्वार हाइवे पर उत्तम शुगर मिल है, मिल में 42 वर्षीय गोपीराम पुत्र किरत राम निवासी बालेकि थाना भगवानपुर और 22 वर्षीय सुरेंद्र पुत्र बालेन्द्र निवासी ब्रह्मपुर जट कोतवाली मंगलौर, काम रहे थे, उसी समय गन्ने के रस को गर्म करने वाले हीटर के डाले के बोल्ट टूट गए, डाले


के बोल्ट टूटने के बाद डाला दोनों कर्मचारियों के ऊपर गिर गया, जिसमें दोनों कर्मचारी दब गए, इस हादसे में दोनों कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई, हादसा होने के बाद मिल में काम कर रहे अन्य कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई, सूचना पर परिजन भी मौके पर पहुंच गए, वहीं मौके पर भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने फैक्ट्री के बाहर हंगामा शुरू कर दिया, जिसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई, भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने फैक्ट्री प्रबंधक पर मजदूरों का शोषण किए जाने का आरोप लगा, साथ उन्होंने बिना सेफ्टी के मजदूरों से काम कराए जाने के भी आरोप लगाए, इस दौरान मिल के गेट को बंद कर दिया गया, भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की, इसी के साथ फैक्ट्री मेनेजर के खिलाफ भीम आर्मी कार्यकता मुकदमा दर्ज कराने की मांग पर अड़े रहे, पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर रुड़की के सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया, साथ ही पुलिस मामले की जांच पड़ताल करने में जुटी हुई है।उधर मृतकों के परिजनों का आरोप है कि मिल प्रबंधन के द्वारा कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए कोई भी सामान नहीं दिया गया, परिजनों का कहना है कि अगर सेफ्टी का सामान होता तो दोनों की जान बच सकती थी, परिजनों का कहना है कि यह मिल प्रबंधन की बड़ी लापरवाई है।उधर सूचना मिलते ही भगवानपुर विधायक ममता राकेश भी अस्पताल पहुंची

और परिजनों से मामले की जानकारी ली, उन्होंने कहा कि इसमें मिल प्रबंधन की बड़ी लापरवाई है और वह खुद परिजनों के साथ जाकर मिल प्रबंधन से इस बारे में बात करेंगी, साथ ही मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिलाने की बात करेंगी।वही बताया गया है कि मृतक सुरेंद्र का एक भाई विकलांग है, सुरेंद्र घर में कमाने वाला अकेला था और उसकी चार बहने हैं, जिनकी शादी भी अभी होनी है सुरेंद्र बहुत ही गरीब परिवार से था।


