टिहरी के नरेंद्रनगर में आज से होने जा रही दो दिवसीय जी-20 सम्मेलन की दूसरी बैठक

टिहरी के नरेंद्रनगर में आज से होने जा रही दो दिवसीय जी-20 सम्मेलन की दूसरी बैठक

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सबसे पहले खबरें जानने के लिए हमारे न्यूज़ ही चैनल. News Portal uk सब्सक्राइब जरूर करें ख़बरों और विज्ञापन के लिए संपर्क करें – 9634912113,- 8057536955 न्यूज़ पोर्टल, उत्तराखंड के यूट्यूब चैनल में सभी विधान सभा स्तर पर संवाददाता\विज्ञापन संवाददाता, ब्यूरो चीफ की आवश्यकता हैं-

रिपोटर – ब्यूरो रिपोट

स्थान -टिहरी

टिहरी के नरेंद्रनगर में आज से होने जा रही दो दिवसीय जी-20 सम्मेलन की दूसरी बैठक के लिए उत्तराखंड पूरी तरह से तैयार है। मुख्य सचिव डॉ एसएस संधू ने जौली ग्रांट एयरपोर्ट पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को कई दिशा निर्देश दिए। आपको बता दें कि इस बैठक के मुख्य एजेंडे के तहत जहां, जी-20 देशों के प्रतिनिधि अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी तंत्र को मजबूत करने पर गंभीर मंथन करेंगे तो वहीं, विदेशी डेलिगेट्स की मेहमाननवाजी के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसके तहत जी-20 देशों के प्रतिनिधियों को जहां ऋषिकेश में मां गंगा के पावन तट पर होने वाली गंगा आरती से दिव्य और आत्मिक अनुभव होगा तो नरेंद्रनगर के ओनी गांव जाकर पहाड़ के गांव में रहने वाले लोगों के जीवन को नजदीक से समझने का अवसर भी मिलेगा। विदेशी मेहमान देहरादून के जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर आगमन करेंगे तो राज्य की पर्वतीय संस्कृति से रुबरू कराते पारंपरिक नृत्य एवं वाद्य यंत्रों की धुन से उनका स्वागत किया जाएगा।

एयरपोर्ट के अंदर व बाहर दीवारों पर बनाई गई पहाड़ की समृद्ध संस्कृति को दर्शाती आकृतियां भी मेहमानों को लुभाएंगी। इसके बाद सभी मेहमानों को नरेंद्रनगर ले जाया जाएगा जहां मुख्य बैठक का आयोजन होना है। जी-20 की दूसरी एंटी करप्शन वर्किंग मीटिंग में अर्न्तराष्ट्रीय भ्रष्ट्राचार विरोधी तंत्र को मजबूत करने पर गंभीर विचार विमर्श किया जाएगा।सम्मेलन के दौरान नरेंद्रनगर के ओणी गांव में विदेशी मेहमान पहाड़ के ग्रामीण परिवेश और ​मॉडल गांव का दीदार करेंगे। ऋषिकेश से करीब 14 किमी की दूरी पर स्थित ओणी गांव में करीब दस करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्यों किए गए हैं। गांव को उत्तराखंड की पारंपरिक शैली के मॉडल गांव के रूप में विकसित किया गया है। गांव में सौंदर्यीकरण के साथ ही घरों को पारंपरिक एपण कला के साथ अन्य सांस्कृतिक-परंपरा और पारंपरिक वेशभूषा से जुड़ी चित्रकारी से जीवंत किया गया है।

इससे पहले मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू ने जी-20 सम्मेलन की तैयारियों के दृष्टिगत जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट का निरीक्षण का व्यस्थाएं देखी इस दौरान उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि सभी व्यवस्थाएं चाकचैबंध रखी जाए