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रिपोटर -रितिक अग्रवाल

स्थान -डोईवाला

जहां शुगर मिल पिछले दशकों से पूरी तरह कर्ज में डूबती जा रही थी, तो वही शुगर मिल में ईडी के पद पर दिनेश प्रताप सिंह के पदभार ग्रहण करने के बाद अब शुगर मिल की सूरत ही बदल गई है। और इस मिल को घाटे से उबार एक नया जीवन दिया है। तो वहीं अब शुगर मिल के ईडी ने गोवंश को भी बचाने का प्रयास किया है। बता दें कि भानियावाला में लगभग सात सौ गोवंश पिछले 10 दिनों से भूख से बिलख रहे थे। जिसमें भूख की वजह से कुछ गोवंश की मौत भी हो चुकी है। इसी को लेकर प्रशासनिक अधिकारी व शुगर मिल के ईडी दिनेश प्रताप सिंह ने अपने सात दिन के वेतन से गोवंश के लिए चारे के रूप में भूसा व शुगर मिल से गौशाला में हरी घास भिजवाई।


ताकि गोवंश को भूख से होने वाली मौत बचाया जा सके।इस दौरान शुगर मिल के प्रशासनिक अधिकारी दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि मीडिया के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली थी कि गोवंश पिछले 10 दिनों से भूख से बिलख रहे हैं। और उनके पास चारे की कोई व्यवस्था नहीं है। जिसके चलते उन्होंने शुगर मिल में गन्ना बांधने वाली हरी घास के ट्रैक्टर भरकर गौशाला में भिजवाए हैं। इसके अलावा उन्होंने अपने सात दिन के वेतन से भूसे (चारा) की व्यवस्था कराई है। ताकि भूख से बिलखते गोवंश को बचाया जा सके।इसी को लेकर शुगर मिल के प्रशासनिक अधिकारी की आमजन ने जमकर सराहना की है। और कहा है कि जहां शुगर मिल पूरी तरह बंद होने की कगार पर थी, और घाटे में चल रही थी।

तो वहीं प्रशासनिक अधिकारी दिनेश प्रताप सिंह के पदभार ग्रहण करने के बाद शुगर मिल नई ऊंचाइयों को छू रही है। जिससे किसानों को तो राहत मिली ही है, साथ ही मील की व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय जनता भी पूरी तरह संतुष्ट नजर आ रही है। और अब उन्होंने गौशाला के लिए अपना वेतन देकर जो दरियादिली दिखाई है, वह एक सराहनीय कदम है।



