नई शिक्षा नीति बड़े हिस्से खास तौर पर वंचित तबकों को शिक्षा से बाहर धकेलने का बंदोबस्त

नई शिक्षा नीति बड़े हिस्से खास तौर पर वंचित तबकों को शिक्षा से बाहर धकेलने का बंदोबस्त

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रिपोटर -सलीम अहमद

स्थान -रामनगर

आपको बता दे आज आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने अपना नैनीताल जिला सम्मेलन करते हुए नई शिक्षा नीति को छात्र विरोधी, निजीकरण हितैषी व पाठ्यक्रम में बदलाव को भारतीयता की बहुलतावादी अवधारणा के विरुद्ध करार दिया गया। नगर पालिका सभागार रामनगर में हुए जिला सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए आइसा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और गढ़वाल विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि, “शिक्षा- रोजगार का सवाल आज देश और प्रदेश का महत्वपूर्ण सवाल है।

किसी भी देश के आगे बढ़ने के लिए जरूरी है कि शिक्षा और रोजगार के अवसर न्यायपूर्ण तरीके सब को उपलब्ध हों। लेकिन पूरे देश के पैमाने पर शिक्षा से बड़े हिस्से को खास तौर पर वंचित तबकों को धकेलने का बंदोबस्त नई शिक्षा नीति के जरिये कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि, “साहित्य और इतिहास के सिलेबस में जिस तरह का बदलाव किया जा रहा है, वह युवाओं को पढ़ने- लिखने के बावजूद अज्ञानी बनाए रखने का षड्यंत्र है।

सिलेबस का यह बदलाव सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का एक और निंदनीय प्रयास है। सम्मेलन पश्चात रामनगर बाजार में आइसा ने जुलूस भी निकाला।