वन आरक्षी बोले – ट्रेनिंग में जंगल के सिद्धांतों को जाना है अब बस फिल्ड में उतरकर कायदों और नियमों का पालन करना है

वन आरक्षी बोले – ट्रेनिंग में जंगल के सिद्धांतों को जाना है अब बस फिल्ड में उतरकर कायदों और नियमों का पालन करना है

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रिपोटर -पंकज सक्सेना

स्थान -हल्द्वानी

उत्तराखंड वानिकी प्रशिक्षण अकादमी (एफटीआई) में 128 वन आरक्षियों ने छह माह का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। इस मौके पर आयोजित दीक्षांत समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आरक्षियों को पुरस्कृत किया गया। प्रशिक्षण में प्रदेश भर के जिलों के फारेस्ट गार्ड शामिल रहे। समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर प्रमुख वन संरक्षक डॉ.धनंजय मोहन मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तैनात फारेस्ट गार्डों को मानव वन्य जीव संघर्ष के बारे में विस्तार से बताया गया।

साथ ही वन्य जीव अपराध विषय पर कार्यशाला आयोजित कर महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। आपको बता दें कि वन आरक्षी प्रशिक्षण के द्वितीय सत्र में 99 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया, इनमें 39 पुरुष व 60 महिला वन आरक्षी शामिल रहे। इसके अलावा प्राथमिक वानिकी प्रशिक्षण केंद्र जैंती अल्मोड़ा के 29 पुरुष फारेस्ट गार्डों को भी प्रशिक्षण दिया गया। वहीं वन आरक्षियों को जीपीएस, कंप्यूटर, ट्रेंक्यूलाइजेशन, कैमरा ट्रेप, स्नेक रेस्क्यू, ड्रोन वन जंगल सरवाइवल का भी प्रशिक्षण दिया गया। दीक्षांत समारोह के मौके पर फारेस्ट गार्ड ने परेड भी की और सभी आरक्षी जंगल के प्रति अपने कत्तर्व्यों को लेकर खासे उत्साही नजर आए।

एफटीआई में आयोजित वन आरक्षी महिला प्रशिक्षण में चंपावत वन प्रभाग में तैनात विमला तिवारी ने पहला स्थान हासिल किया है जबकि जैती के प्रशिक्षणार्थी व चकराता वन प्रभाग के दलवीर सिंह सजवाण को सर्वश्रेष्ठ आरक्षी चुना गया