उत्तरार्ध में लोसर मेले का आयोजन बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया

उत्तरार्ध में लोसर मेले का आयोजन बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया

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रिपोटर -दीपक नोटियाल

स्थान – उत्तरकाशी

यूं तो भारतवर्ष में अनेक पर्व और त्योहार मनाए जाते हैं इसी के चलते हर प्रांत के लोग अपने पर्व और त्योहारों को अपने अनूठे अंदाज में मनाते हैं उन्हीं पर्व और त्योहारों में से एक पर्व सीमांत जनपद उत्तरकाशी के डुंडा तहसील में स्थित हर्षित बगोरी बीरपुर के लोग शीतकाल के उत्तरार्ध में लोसर मेले का आयोजन बड़े हर्षोल्लास के साथ करते हैं

। इसके प्रथम दिवस की रात्रि में दीपावली पर्व का आयोजन किया जाता है उस दिन लोग जंगलों से चीड़ के पेड़ की तेल वाली लकड़ी स्थानीय भाषा में दिल्ली की मशाल बनाकर गांव के बीच में हुजूम बनाकर ढोल की थाप पर नाचते गाते हुए गांव के अंतिम छोर पर मसाले एक जगह पर एकत्रित कर देते हैं इंसानों को एकत्रित होने से विनती है इस अग्नि के चारों और लोग एकत्रित होकर नाचते गाते हैं और अपने घर लौट आते हैं और पत्थरों के छोटे-छोटे टुकड़े को चरण में रंग में यह कहते हुए अपने बंधु बंधुओं को उपहार स्वरूप भेंट करते हैं

यह पत्थर के टुकड़े हीरे हीरे मोतियों के प्रतीक स्वरूप भेंट किए जाते हैं। जिसका आशय होता है कि आपके परिवार में नव वर्ष हीरे मोती की सौगात लेकर आए और आप खुशहाल रहें