
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सबसे पहले खबरें जानने के लिए हमारे न्यूज़ ही चैनल. News Portal uk सब्सक्राइब जरूर करें ख़बरों और विज्ञापन के लिए संपर्क करें – 9634912113,- 8057536955 न्यूज़ पोर्टल, उत्तराखंड के यूट्यूब चैनल में सभी विधान सभा स्तर पर संवाददाता\विज्ञापन संवाददाता, ब्यूरो चीफ की आवश्यकता है


रिपोर्टर- ऐजाज हुसैन

स्थान- पंतनगर


पन्तनगर थाना क्षेत्र की टा कॉलोनी निवासी एक महिला ने भाजपा महिला नेत्री पर उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ पुलिस को तहरीर देकर कार्यवाही किए जाने की मांग की है। पीड़ित महिला बर्षा रानी पत्नी संदीप कुमार ने पन्तनगर थाना पहुंचकर पुलिस को भाजपा महिला मोर्चा की मंडल अध्यक्ष पिंकी डिमरी पर सूदखोरी का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है, पीड़िता द्वारा दी गई तहरीर में कहा कि उसने भाजपा महिला नेत्री पिंकी डिमरी से 70 हजार और 50 हजार कुल 120000 रूपये ब्याज पर लिए थे जिसके बदले में उसने पीएनबी बैंक के चैक और एक हस्ताक्षर किया हुआ सादा स्टाम्प उन्हें दिया था जिसके बाद उसने दो बार में ब्याज समेत सभी पैसे पिंकी डिमरी लौटा दिये।


इसके बाद उसने कोरोना काल के दौरान भी भाजपा नेत्री पिंकी डिमरी से मजबूरन एक बार फिर से 115000 रूपये लिए जिसके बदले में उसने अपने सोने के जेवर गिरवी के तौर पर पिंकी डिमरी को दे दिये। पीड़िता ने बताया कि थोड़े थोड़े कर ब्याज समेत पिंकी डिमरी को उसने 185000 रूपये विभिन्न तिथियों पर लौटा दिये थे जिसका प्रमाण भी उसके पास है। लेकिन उधार लिए गए पैसे लौटाने के बाद भी भाजपा नेत्री पिंकी डिमरी द्वारा उसके चेक व स्टाम्प और गहने उसे वापस नहीं लौटाए गए तथा मांगे जाने पर भाजपा नेत्री द्वारा उसे धमकाया गया कि चैक बाउंस कराकर तेरे पिता के नाम पर झूठा मुकदमा दर्ज कराकर जेल भिजवा दूँगी।

पीड़िता का कहना है कि सूदखोर भाजपा महिला नेत्री पिंकी डिमरी की धमकी से वो और उसका परिवार मानसिक रूप से काफी परेशान हो चुका है। उसने पुलिस से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि अगर इस मामले में दोषी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो वह न्यायालय तक जायेंगी। बताते चलें कि लालकुआँ समेत आसपास के क्षेत्रों में सूदखोरी का धंधा धड़ल्ले से जारी है, दबंग लोगों द्वारा किए जा रहे इस अवैध कारोबार में लोगों को पहले तो सब्जबाग दिखाकर रूपये दिये जाते हैं और उसके बाद मनमाना ब्याज जोड़ कर देनदार का उत्पीड़न कर उससे कई गुना रकम वसूली जाती है। इन सूदखोरों के उत्पीड़न से परेशान होकर क्षेत्र के कई लोग तो आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम तक उठा चुके हैं।


