सलग बेल्डा गांव में चकबंदी अधिकारियों पर लगाए किसानों का उत्पीड़न करने का आरोप

सलग बेल्डा गांव में चकबंदी अधिकारियों पर लगाए किसानों का उत्पीड़न करने का आरोप

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रिपोर्टर – संदीप कुमार

स्थान – रुड़की

रुड़की के बेल्डा गांव में करीब 2 साल पहले चकबंदी विभाग द्वारा सभी चोको की पैमाइश कर गांव को धारा 52 के तहत तहसील में जमा करा दिया गया था| लेकिन कुछ भूमाफिया एवं चकबंदी के अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है| जिसको लेकर किसानों का कहना है कि जब 2 वर्ष पहले ग्राम बेल्डा के सभी चको की पैमाइश कर दी गई थी ,तो अब दोबारा से चको की पैमाइश करने की अधिकारियों की क्या मंशा है|इसको लेकर कुछ किसानों का कहना है कि ग्राम बेल्डा में चकबंदी अधिकारी एवं पूर्व प्रधान भू माफियाओं द्वारा बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया था| जिसको लेकर भाजपा नेता जगजीवन राम द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में एक याचिका डाली गई थी| न्यायालय द्वारा याचिका को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने सरकार से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब  जिस पर सरकार द्वारा एसआईटी टीम का गठन करते हुए, सभी पहलुओं पर जांच की गई थी| जिसमें भू माफिया वह पूर्व प्रधान एवं चकबंदी अधिकारियों सहित 22 लोगों के खिलाफ एसआईटी द्वारा मुकदमा दर्ज किया गया था| जिसकी जांच अभी तक चल रही है, किसानों का कहना है कि आज एक बार फिर चकबंदी विभाग एवं तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम बेल्डा गांव में पैमाइश करने के लिए पहुंची|  जिसको लेकर किसानों ने अपना विरोध जताया किसानों का कहना है कि पहले अधिकारी उन भूमि की पैमाइश करें |

जिसको लेकर पुलिस फोर्स मौके पर तैनात रही, वही तहसील के कानूनगो भी मौके पर पहुंचे| पैमाइश को बीच में ही रुकवा दिया गया| कानूनगो का कहना है कि किसी भी किसान को उत्पीड़न नहीं किया जाएगा| वही भू माफियाओं द्वारा कानूनगो पर पैमाइश करने का दबाव भी बनाना गया लेकिन कानूनगो ने साफ तौर से कह दिया कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी| तब तक वह पैमाइश नहीं करेंगे| सभी तथ्यों को सामने रखते हुए किसानों की बातों को सुनते हुए, दोबारा से गांव पहुंच कर पैमाइश करने की बात कही गांव की चकबंदी की जाए, जिसमें किसानों ने कानूनगो की तारीफ करते हुए, अपनी सहमति जताई वही भू माफियाओं की पूरी मनसा पर कानूनगो ने पानी फेर दिया| देर शाम तहसील एवं पुलिस प्रशासन की टीम बिना पैमाइश करें वापस लौट गई|