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रिपोर्टर – दीपक नौटियाल

स्थान -उत्तरकाशी

गंगोत्री धाम और गंगा के शीतकालीन पड़ाव मुखवा में गंगा सप्तमी धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना के बाद मां गंगा की प्राचीन मूर्ति को श्रृंगार करवाया गया। कपाट बंद होने तक देश-विदेश के श्रद्धालुओं को गंगोत्री मंदिर में मां गंगा के श्रृंगार (उत्सव मूर्ति) दर्शन कर सकते हैं।


अक्षय तृतीय पर गंगोत्री धाम के कपाट उद्घाटन के बाद हर साल चार दिन पश्चात गंगा सप्तमी मनाई जाती है। माना जाता है कि इसी दिन गंगा का जन्म हुआ है।

रविवार को गंगा सप्तमी पर गंगोत्री धाम और मुखवा स्थित मार्कण्डेय मंदिर में सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना शुरू हो गई थी। मां गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखवा से सोमेश्वर देवता की डोली के कलश यात्रा निकाली गई। इस मौके पर गंगा विचार मंच ने भी मां गंगा को स्वच्छ रखने की अपील की गई है।


गंगा के मायके मुखवा गांव से मार्कण्डेय मंदिर में सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इस मौके श्रीवर्ण रावत के कथक नृत्य ने पूरी घाटी को भक्तिमय बना दिया। इस मौके पर गंगा नदी में 11सौ दीप दान किये किये। बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा सप्तमी में पहुचे हुए थे।



