जल की शुद्धि के साथ-साथ मन और तन का शुद्धीकरण भी जरूरी : स्वामी चिदानंद मुनि

ख़बरों और विज्ञापन के लिए संपर्क करें – 9634912113, 8057536955

न्यूज़ पोर्टल उत्तराखंड के यूट्यूब चैनल में सभी विधान सभा स्तर पर संवाददाता\विज्ञापन संवाददाता, ब्यूरो चीफ की आवश्यकता है, संपर्क करें – 9634912113, 805753695

रिपोर्टर- दीपक नोटियाल

स्थान- उत्तरकाशी

परमार्थ निकेतन के  स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नमामि गंगे एवं जल शक्ति मंत्रालय के माध्यम से स्वच्छ भारत की अद्भुत आधारशिला रखी  है। स्वच्छ भारत मिशन से सरकारी ही नहीं  बल्कि संपूर्ण देश  स्वच्छ भारत  अभियान से जोड़ दिया हैं।   मंगलवार को सौरा लाटा आश्रम में पहुंचे स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज ने पत्रकारों को  बताया कि अब समय आ गया कि  पहाड़ों  को सुंदर बनाने व गंगा जी को स्वच्छ रखने का। पहाड़ और गंगा जी जब स्वच्छ   होगी तो  पूरा विश्व हिमालय की ओर आकर्षित होगें  इससे   पर्यटन को  बढेगा ओर लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे । जब रोजगार मिलेगा तो  पलायन भी  रूकेगा । उन्होंने गंगा की स्वच्छता  को बनाए रखने के लिए पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों से अपील की है  खाया और फैकने की संस्कृति को अब हमें बदलना होगा।

उन्होंने जल शुद्धीकरण के साथ-साथ मन शुद्धीकरण की भी जरूरत बताये । उन्होंने कहा है कि मन और तन जब शुद्ध होंगे तभी हम स्वास्थ्य  रहेगें ।  उन्होंने यूक्रेन और रसिया के बीच चल रहे युद्ध पर कहा है कि  भारत हमेशा विश्व का शांति का पुजारी रहा है और हम शांति की कामना कर सकते हैं। शांति डायलॉग और बैठकों से ही हो सकती है। शांति  युद्ध और कब्जे से नहीं  होती है । उन्होंने यूक्रेन युद्ध में मारे गए  मृतक आत्माओं  के लिए भी प्रार्थना की । स्वामी ने जल्द युद्ध समाप्त होने की कामना की है। उन्होंने कहा कि भारतीय भारतीय मूल के सभी लोगों  की सकुशल  वतन लौटेने की कामना की।  उन्होंने  यूक्रेन से भारत सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और सभी परिवारों को वतन लौटने के लिए  ऑपरेशन गंगा के तहत कार्य कर रहे हैं । इस दौरान जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर डीएम मयूर दीक्षित से उत्तरकाशी जिले को उत्तराखंड प्रदेश का विकास का मॉडल बनाने को लेकर भी चर्चा की गई ।

स्वामी चिदानंद मुनि महाराज ने कहा है कि उत्तरकाशी  गंगा -यमुना जैसी पवित्र नदियों का उद्गम स्थल है  जहां प्रतिवर्ष असंख्य देश और विदेश के पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं। उन्होंने कहा है कि यहां आध्यात्मिक रूप से उत्तरकाशी महत्वपूर्ण स्थान रखता है यहां काशी और ऋषिकेश हरिद्वार की तर्ज पर गंगा आरती को आधुनिक स्वरूप दिया जा सकता है इससे उत्तरकाशी नगरी पर्यटकों और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगा । उन्होंने उत्तरकाशी के विभिन्न गांव में खाली पड़ी भूमि पर अखरोट ,रुद्राक्ष के पौधों की नर्सरी लगाने पर भी चर्चा की है। मुम्बई से आये  दिनेश सहारा जी, दीपक शर्मा जी  लाटा गांव की प्रधान रंजना नेगी ,  स्वामी व्यास गिरी भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय बहादुर सिंह रावत, डा. मनोज पंवार ,हिमानी , मौनीका , रामलयाल नौटियाल, संतोष अवस्थी आदि शामिल रहे।