आखिर क्यों जाते है भारतीय बच्चें अन्य देशों में मेडिकल की पढाई करने, जानने के लिए पढ़े पूरी ख़बर

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ब्यूरो रिपोर्ट
स्थान – देहरादून

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के कारण उत्तराखंड के कई छात्र भी वहां फंसे हुए हैं| जिनमें अधिकतर छात्र यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने गए हैं, भारत से सस्ती होने के कारण छात्र यूक्रेन में जाकर एमबीबीएस की पढ़ाई करते हैं| जो कि भारत और उत्तराखंड से कई गुना सस्ती पड़ती है, अभी तक उत्तराखंड के 188 बच्चों के यूक्रेन में फंसने की पुष्टि हो गई है| वहीं अभी युक्रेन में फंसे 219 भारतीय बच्च भारत वापस भी आ चुके है बाकी बच्चों को वापस लाने के लिए भारत सरकार लगातर प्रयास कर रही है|

युक्रेन में युद्ध के कारण संकट खड़ा हो जाने से भारतीय लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है | जिसमें उत्तराखंड के भी 100 से ज्यादा बच्चे शामिल है इनमें अधिकतर बच्चे मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन जाते हैं| देहरादून के प्रतिष्ठित बलूनी क्लासेज के प्रबंधक निदेशक विपिन बलूनी ने बताया कि उत्तराखंड की तुलना में यूक्रेन में फीस कई गुना कम है, जिस कारण मजबूरन बच्चों को दूसरे देशों में मेडिकल की पढ़ाई के लिए जाना पड़ रहा है|

उन्होंने कहा कि अगर उत्तराखंड में मेडिकल की पढ़ाई सस्ती हो जाए और सीटें बढ़ दी जाए तो बच्चों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी और उन्हें मेडिकल की पढ़ाई के लिए बाहर जाना नहीं पड़ेगा| उन्होंने बताया कि बच्चे मेडिकल की पढ़ाई के लिए रसिया, चाइना आदि देशों में जाते हैं यूक्रेन में मेडिकल की फीस सलाना 4 लाख तक है उत्तराखंड में निजी मेडिकल कॉलेज में 17 से 20 लाख तक बैठती है इसी कारण अन्य देशों में मेडिकल की फीस कम होने के कारण बच्चे बाहर पढ़ाई करने जाते हैं|