ग्रामीणों ने सस्ते गल्ले की दुकान पर संदिग्ध चावल बांटने का लगाया आरोप

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रिपोर्टर- रिजवान अहमद

स्थान – गदरपुर

गदरपुर के पिपली नंबर एक गांव में ग्रामीणों ने सस्ते गल्ले की दुकान से संदिग्ध चावल बांटे जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि चावल सिद्ध प्रतीत हो रहा है यह प्लास्टिक दाने जैसा लग रहा है और इसे खाने से कोई बीमार भी हो सकता है।

 वहीं राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल नारंग ने बताया कि सस्ते गल्ले की दुकान से जो चावल बांटा जा रहा है वह भारत सरकार की एक विशेष प्रकार की योजना के तहत बांटा जा रहा है| इस चावल में फोर्टीफाइड चावल  1% मिलाए गए हैं जो कि एक कुंटल में 1 किलो बनते हैं | इसमें समस्त प्रकार के विटामिन मिनरल्स और प्रोटीन हैं इससे कुपोषण समाप्त करने में सहायता मिलती है

और विशेषकर गर्भवती धात्री और कुपोषित बच्चों के लिए अति लाभदायक चावल है | अगर किसी को इसमें शक है तो वह वरिष्ठ विपणन अधिकारी गदरपुर अनाज मंडी में संपर्क कर सकता है। उत्तराखंड से उधम सिंह नगर जिले को इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए ट्रायल के रूप में चुना गया है और प्रत्येक राज्य में एक जिला ही अभी तक चुना गया है|