बाजपुर चीनी मिल में गन्ना किसानों ने किया जमकर हंगामा

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रिपोर्टर- अज़हर मलिक

स्थान-  बाजपुर

देश के सहकारिता क्षेत्र की सबसे पहली चीनी मिल में अधिकारियों की लापरवाही के चलते अपनी बर्बादी के आंसू बहाने को मजबूर है। लेकिन किसी भी सरकार ने चीनी मिल की दुर्दशा को सुधारने का प्रयास नहीं किया। जिसका नतीजा है कि बाजपुर की चीनी मिल पेराई सत्र के दौरान आए दिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते बंद हो जाती है। जिसका खामियां गन्ना किसानों को कई दिनों तक चीनी मिल के बाहर खड़े होकर बिताना पड़ता है।

 बता दें सहकारिता क्षेत्र की सबसे पहली चीनी मिल जिसका उद्धघाटन देश के सबसे पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने किया था। बाजपुर चीनी मिल में लगातार अधिकारियों की लापरवाही के चलते चीनी मिल को बंद किया जा रहा है। जिससे गन्ने की पेराई काफी प्रभावित हो रही है तो वहीं किसानों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गन्ने की पेराई नहीं होने पर किसानों ने जमकर हंगामा किया और चीनी मिल को सुचारू रूप से चलाने की मांग की। बाजपुर की चीनी मिल पेराई सत्र शुरू होने के बाद से सही तरीके से नहीं चल पा रही है यही कारण है कि आए दिन बाजपुर चीनी मिल में किसानों का हंगामा देखने को मिलता है।

इसी के चलते चीनी मिल में गन्ने की पेराई नहीं होने पर किसानों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान किसानों ने कहा कि 3 दिन से किसान गन्ने से भरी ट्रैक्टर ट्राली लेकर चीनी मिल के बाहर खड़े हैं लेकिन चीनी मिल के सुचारू रूप से नहीं चलने से उनका नंबर नहीं आ रहा है। इस दौरान किसानों ने चीफ इंजीनियर पर कार्यवाही की मांग की है। वही मौके पर पहुंचे चीनी मिल के सीईओ राजीव कुमार ने बताया कि चीनी मिल में बकास खत्म होने से चीनी मिल बंद हुई है जिसे जल्द ही शुरू करा दिया जाएगा।