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रिपोर्टर- अज़हर मलिक

स्थान- काशीपुर

कोई घर वापसी के नाम पर तो कोई रूठे हुए को मना कर कुनबे को बढ़ाने में लगा है | सत्ता से विमुख रही कांग्रेस अब अपनो को याद करते हुए बस यही कहती नजर आ रही है कि अपने तो अपने होते हैं | बता दें यह फिल्मी गीत कांग्रेस से बिछड़े हुए लोगों की वापसी पर सटीक बैठता है | काशीपुर में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है |

जहां लगातार कांग्रेस का कुबना बढता ही जा रहा है और घर वापसी के नाम पर कई बड़े चेहरे कांग्रेस में वापसी करते हुए दिख रहे हैं | बता दें “अपने तो अपने होते हैं”, यह चर्चित गीत आपने कई बार सुना होगा लेकिन चुनावों में यह गीत तब सटीक बैठता है, जब लम्बे समय से पार्टी से बाहर रहने वाले और पार्टी से नाराज होकर पार्टी से दूर जाने वाले एक बार फिर चुनावों में पार्टी का दामन थामते नजर आ रहे हैं | जहां एक तरफ टिकट बंटवारे के बाद बगावत के फूल भाजपा और कांग्रेस में खूब खिले लेकिन बगावत का डैमेज कंट्रोल करने में कांग्रेस भाजपा से आगे निकल गयी | भाजपा अभी भी जहां इस डेमेज को कण्ट्रोल करने में नाकाम है |


वहीं कांग्रेस लगातार बिछडे हुए साथियों को कुनबे में शामिल कर पार्टी को मजबूत करने के साथ ही चुनावी समीकरणों को भी अपने पक्ष में करने में सफल हो रही है | बता दें काशीपुर में पूर्व व्यापार मण्डल अध्यक्ष दीपक वर्मा और व्यापारी नेता पवन यादव के साथ ही मंडी के व्यापारियों ने घर वापसी कर कांग्रेस का दामन थाम कर विरोधियों के चुनावी समीकरण पुरी तरह से बदल कर रख दिये हैं। अपनों की वापसी से कांग्रेस को जहां मजबूती मिली है, वहीं इसका डैमेज भाजपा को मिल रहा है | यही नहीं 20 सालों से लगातार भाजपा के विधायक काशीपुर सीट पर काबिज रहे हैं, लेकिन विकास के कार्य ना होने पर जहां जनता बदलाव का मन बना रही है |


वहीं बडे चेहरों की कांग्रेस में घर वापसी से भी चुनावी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। वहीं टिकट बंटवारे के बाद बगावत के कांटे भाजपा और कांग्रेस को पुरे चुनाव भर चुभते रहेंगे | कई बागी नेताओं के निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरने से समीकरण बिगडे तो कही बगावत से पार्टी को डैमेज हुआ लेकिन कांग्रेस ने जिस तरह से काशीपुर में अपने डेमेज को कन्ट्रोल किया है उससे भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी है | अब देखना होगा कि इस डैमेज कंट्रोल और घर वापसी का कांग्रेस को कितना फायदा मिलता है और क्या कांग्रेस इससे अपनी खोई हुई सत्ता वापस पाने में सफल हो पाती है।


