जलभराव से खटीमा क्षेत्र के सीमांत गांवों की स्थिति बदहाल

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रिपोर्टर – अशोक सरकार

स्थान – खटीमा, उधम सिंह नगर

खटीमा क्षेत्र के सीमांत गांव बंधा- सिसैया, बगुलिया, झाऊ, परसा आदि गाँव शारदा सागर डैम के किनारे बसे हुए हैं | जहां के सैकड़ों परिवारों का जनजीवन डैम में लगातार बढ़ रहे जलभराव के कारण बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बता दें कि लगभग 60 वर्षों से शारदा सागर डैम में बसे उपरोक्त गांवों के सैकड़ों परिवार खेतीवाड़ी और मजदूरी पेशा करके किसी तरह अपना व अपने परिवार का गुजर-बसर करते हैं किंतु हर साल डैम में पानी भर दिया जाता है, जिसके कारण ग्रामीणों के घर मकान, फसल बुरी तरह अस्त-व्यस्त और चौपट हो जाते हैं। ग्रामीण नाव का सहारा लेकर आवागमन करते हैं।

फसल बर्बाद होने के कारण लोग भुखमरी की कगार पर आ जाते हैं। इस समय भी डैम का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है | लोगों के घर मकान, फसल बुरी तरह लबालब पानी मे भरा पड़ा है ,बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया है। जलभराव के कारण मगरमच्छ जैसे खतरनाक जलीय जीवो से भी खतरा बना रहता है। वहीं जलभराव के चलते पूर्व में भी कई दुर्घटनाएं और मौतें हो चुकी है तथा भविष्य में भी खतरा बना रहता है। वहीं कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष भुवन कापड़ी पीड़ित ग्राम वासियों के दुख दर्द में उनका हालचाल जानने गांव में पहुंचे और नाव पर बैठकर घर-घर पहुंचकर पीड़ितों से मिलकर स्थिति का जायजा लिया तथा पीड़ितों के दुख दर्द में हर संभव सहयोग और मदद करने का उनको आश्वासन दिया।

इस दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए भुवन कापड़ी भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों पर जमकर बरसे तथा उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आम जनता की सरकार नहीं बल्कि पूजी पतियों की सरकार है साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार में बेतहाशा बढ़ रही महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार व अत्याचार पर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। वहीं ग्राम वासियों ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उनका दुख दर्द कोई सुनने वाला नहीं है । हर साल हमारी फसल, घर मकान जलभराव से चौपट हो जाते हैं। इस समय भी सब कुछ चौपट हो गया है। हम लोग भुखमरी के कगार पर हैं ।हर समय खतरा बना रहता है ।

पूर्व में भी जलभराव के कारण कई दुर्घटनाएं और मौतें हो चुकी है। हर साल हम लोग अपनी सुरक्षा व उचित व्यवस्था की गुहार लगाते हैं लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिलता है। ग्राम वासियों ने भुवन कापड़ी के माध्यम से जलभराव कम कराने की गुहार लगाई ताकि स्थिति सामान्य हो सके।