
स्थान : विकासनगर
ब्यूरो रिपोर्ट


हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम स्थल के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पछुवादून जिले तक पहुंच गया है। कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को जातिवादी और अपमानजनक बताते हुए इसके विरोध में मोर्चा खोल दिया है।


इसी क्रम में कांग्रेसजनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पछुवादून के सेलाकुई, सहसपुर, विकासनगर और कालसी थानों में पहुंचकर तहरीर दी। प्रतिनिधिमंडल ने कथित घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की।



कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि घटना को तीन सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक कथित तौर पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। कांग्रेस ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।

कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सामाजिक न्याय की मांग को लेकर आवाज उठा रहे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर दी गई, जबकि कथित ‘शुद्धिकरण’ मामले में कार्रवाई नहीं हुई। कांग्रेस ने इसे प्रशासन के दोहरे रवैये का उदाहरण बताया।



पूर्व काबिना मंत्री नवप्रभात, पछुवादून जिला अध्यक्ष संजय किशोर, पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष आर्येन्द्र शर्मा और अल्पसंख्यक विभाग के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ताहिर अली समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे पर सरकार और प्रशासन को घेरा।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जातिवादी मानसिकता और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाना किसी राजनीतिक स्वार्थ का विषय नहीं है, बल्कि यह संविधान में दिए गए समानता और सामाजिक न्याय के अधिकारों की रक्षा का सवाल है।



नेताओं ने कहा कि देश को किसी भी प्रकार की मनुवादी सोच से नहीं, बल्कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान के मूल्यों के आधार पर चलाया जाना चाहिए। उन्होंने सामाजिक समानता और सम्मान को लोकतंत्र की बुनियाद बताया।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की कि मामले में निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस कार्यकर्ता आंदोलन को और तेज कर सकते हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संविधान सर्वोपरि है और सामाजिक न्याय, समानता तथा सम्मान से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज में भेदभाव की मानसिकता के खिलाफ कांग्रेस लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।

