स्थान : किच्छा
रिपोर्टर : राजू सहगल


किच्छा विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में कथित डबल वोट को लेकर मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। विधानसभा क्षेत्र में करीब 10 हजार से अधिक मतदाताओं के नामों पर आपत्तियां दर्ज कराए जाने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।


इसी मामले को लेकर किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने तहसीलदार गिरीश चंद्र त्रिपाठी से मुलाकात की और अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। विधायक ने मतदाता सूची में दर्ज नामों की जांच को लेकर प्रशासन के सामने अपनी बात रखी।


विधायक तिलकराज बेहड़ ने कहा कि केवल नाम समान होने के आधार पर किसी मतदाता को डबल वोटर नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे देश में एक नाम के कई लोग हो सकते हैं, इसलिए सिर्फ नाम की समानता को आधार बनाकर किसी का नाम संदिग्ध नहीं किया जा सकता।


उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मतदाताओं की पहचान फोटो और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर की जाए। इससे वास्तविक मतदाता और कथित डुप्लीकेट प्रविष्टि के बीच सही अंतर किया जा सकेगा।

बेहड़ ने कहा कि मतदाता सूची में दर्ज डबल वोट की आपत्तियों की सुसंगत और निष्पक्ष तरीके से जांच की जानी चाहिए। उनका कहना है कि जांच के दौरान यदि किसी मतदाता के खिलाफ दर्ज आपत्ति गलत पाई जाती है तो उसे तत्काल खारिज किया जाए।


विधायक ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में किसी भी मतदाता का नाम बिना उचित जांच और प्रमाण के प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने की मांग की।



किच्छा विधानसभा में बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज होने के बाद अब प्रशासन के सामने इन सभी मामलों की जांच की चुनौती है। प्रत्येक आपत्ति की वास्तविकता जांचने के लिए संबंधित दस्तावेजों और मतदाताओं की पहचान का सत्यापन करना होगा।
विधायक तिलकराज बेहड़ ने चेतावनी दी कि यदि डबल वोट से जुड़ी आपत्तियों की जांच सही और निष्पक्ष तरीके से नहीं की गई तो कांग्रेस आंदोलन का रास्ता अपनाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी मतदाताओं के अधिकारों को लेकर किसी भी तरह की अनियमितता स्वीकार नहीं करेगी।

अब इस पूरे मामले में प्रशासन की जांच प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं। करीब 10 हजार से अधिक आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इनमें कितनी आपत्तियां वास्तविक डुप्लीकेट मतदाता प्रविष्टियों से जुड़ी हैं और कितनी केवल नाम की समानता के आधार पर दर्ज कराई गई हैं।

