स्थान : खटीमा ( ऊधम सिंह नगर )
रिपोर्टर : अशोक सरकार


ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा में 1 सितंबर 1994 को हुए खटीमा गोलीकांड से जुड़े आंदोलनकारियों ने सोमवार को न्याय और अपनी पहचान की मांग को लेकर आवाज बुलंद की। आंदोलनकारियों ने उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।


आंदोलनकारियों का आरोप है कि राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद उन्हें अब तक उनका हक नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन की ओर से उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।



आंदोलनकारी हरीश कोठारी ने कहा कि राज्य आंदोलन में उनके साथ शामिल रहे 634 लोगों को राज्य आंदोलनकारी घोषित किया जा चुका है, लेकिन अभी भी कुछ ऐसे लोग हैं जिन्हें उनकी पहचान और अधिकार नहीं मिल पाए हैं।

उन्होंने कहा कि लंबे समय से आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर शासन और प्रशासन के चक्कर लगा रहे हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ती जा रही है।


हरीश कोठारी ने प्रशासन से मांग की कि आंदोलन में शामिल रहे शेष लोगों को भी चिन्हित कर उन्हें राज्य आंदोलनकारी का दर्जा और उससे जुड़े अधिकार दिए जाएं। उन्होंने कहा कि यह उनके सम्मान और पहचान से जुड़ा मामला है।

आंदोलनकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे आत्मदाह जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे। इस चेतावनी के बाद प्रशासन के सामने मामले को गंभीरता से लेने की चुनौती है।




वहीं, उपजिलाधिकारी खटीमा तुषार सैनी ने बताया कि आंदोलनकारियों की ओर से ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में आंदोलनकारियों को चिन्हित किए जाने की मांग की गई है।
एसडीएम ने कहा कि आंदोलनकारियों की ओर से दिए गए ज्ञापन को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित स्तर पर आगे प्रेषित कर दिया गया है। शासन स्तर से इस संबंध में जो भी निर्णय प्राप्त होगा, उसकी जानकारी आंदोलनकारियों को उपलब्ध करा दी जाएगी।

खटीमा गोलीकांड की बरसी से पहले आंदोलनकारियों की ओर से उठाई गई यह मांग एक बार फिर राज्य आंदोलन के दौरान संघर्ष करने वाले लोगों की पहचान और अधिकारों का मुद्दा सामने ले आई है। अब आंदोलनकारियों को शासन स्तर से होने वाली कार्रवाई और निर्णय का इंतजार है।

