हल्द्वानी रामलीला मैदान शुद्धिकरण मामला पहुंचा बाजपुर, कांग्रेसियों ने कोतवाली में दी तहरीर

हल्द्वानी रामलीला मैदान शुद्धिकरण मामला पहुंचा बाजपुर, कांग्रेसियों ने कोतवाली में दी तहरीर

स्थान : बाजपुर
रिपोर्टर : विशेष शर्मा

हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद कथित तौर पर किए गए ‘शुद्धिकरण’ का मामला अब बाजपुर तक पहुंच गया है। घटना के विरोध में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाजपुर कोतवाली पहुंचकर पुलिस को तहरीर सौंपी।

कांग्रेस नेताओं ने तहरीर के माध्यम से कथित शुद्धिकरण में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, गिरफ्तारी करने और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। कांग्रेसियों का कहना है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।

तहरीर में आरोप लगाया गया है कि 10 अगस्त को गिरीश चंद्र पांडेय और अन्य लोगों ने यज्ञ कर गंगाजल का छिड़काव करते हुए रामलीला मैदान का कथित ‘शुद्धिकरण’ किया। कांग्रेस नेताओं ने इस कृत्य को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि किसी राजनीतिक कार्यक्रम के बाद इस तरह शुद्धिकरण किया जाना दलित समाज का अपमान है। उन्होंने कहा कि यह संविधान की भावना और सामाजिक समानता के सिद्धांतों के भी खिलाफ है।

कांग्रेसियों ने पुलिस से मांग की कि मामले की जांच कर आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर कड़ी कार्रवाई की जाए।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि समाज में किसी भी तरह के भेदभाव और छुआछूत को बढ़ावा देने वाले कृत्यों को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समानता का अधिकार देता है। ऐसे में किसी व्यक्ति या समुदाय को उसकी जाति के आधार पर अपमानित करना संविधान की मूल भावना के विपरीत है।

इस दौरान चेयरमैन एवं कांग्रेस प्रदेश सचिव गुरजीत सिंह पूनिया, डीके जोशी, पवन शर्मा, सत्यवान गर्ग, महेश कुमार आशू, तनवीर खान गुड्डू समेत कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बाजपुर कोतवाली में तहरीर दिए जाने के बाद अब पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे।