स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना


हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कथित शुद्धिकरण को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के एक दिन बाद सोमवार को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ सीओ ऑफिस पहुंचे। यहां उन्होंने मामले को लेकर सीओ से वार्ता की।


रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद कथित शुद्धिकरण को लेकर पहले से ही राजनीतिक विवाद चल रहा है। अब राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।



बताया गया है कि विनोद आर्य और अमित कुमार ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने अनुसूचित जाति के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया।


शिकायत के आधार पर पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा 196 और 299 के साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(1)(q) लगाई गई है।


राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस में नाराजगी देखने को मिल रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कथित शुद्धिकरण के मामले में भी पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए।

इसी सिलसिले में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ सीओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मामले को लेकर बातचीत की और अपनी बात रखी।



इस बीच मामले को लेकर एसएसपी का बयान भी सामने आया है। पुलिस का कहना है कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, एफआईआर दर्ज करना शिकायत के आधार पर की गई कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। अब जांच के दौरान कथित बयान, उसके संदर्भ और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी।

रामलीला मैदान के कथित शुद्धिकरण और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद हल्द्वानी में सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब पुलिस जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

