स्थान :चम्पावत
ब्यूरो रिपोर्ट


चम्पावत में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वरोजगार व उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को राज्य और जनपद स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य सेवा सदन, देहरादून से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने योजना का शुभारंभ किया, जिसका विकास भवन सभागार चम्पावत में वर्चुअल माध्यम से सजीव प्रसारण किया गया।


विकास भवन सभागार में मुख्य अतिथि दर्जा प्राप्त मंत्री श्याम नारायण पाण्डेय की मौजूदगी और मुख्य विकास अधिकारी जीएस खाती की अध्यक्षता में एमयूवाई चौपाल का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने मुख्यमंत्री के संबोधन को वर्चुअल माध्यम से सुना। इस दौरान योजना के उद्देश्यों और इसके माध्यम से मिलने वाले स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी गई।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना गांव-गांव में उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना और लोगों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना है।

मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही लोगों को अपने क्षेत्र में ही रोजगार उपलब्ध होने से पलायन को रोकने में भी मदद मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान चम्पावत में उद्यमिता और महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनीं हेमा उपाध्याय, लक्ष्मी जोशी और कंचन देवी सहित राज्य की अन्य महिला उद्यमियों को सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिला उद्यमियों को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो प्रदान किए गए।


इसके अलावा आठ उद्यमियों को सब्सिडी राशि के चेक भी वितरित किए गए। इससे उद्यमियों को अपने कारोबार को आगे बढ़ाने में आर्थिक सहायता मिलेगी। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने युवाओं और महिलाओं से स्वरोजगार से जुड़ी सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।




कार्यक्रम के दौरान आधुनिक एलईडी डिस्प्ले, ऑडियो-वीडियो प्रचार तंत्र और प्रचार सामग्री से सुसज्जित जागरूकता वैन को मुख्य अतिथि श्याम नारायण पाण्डेय, अन्य जनप्रतिनिधियों और जिलाधिकारी मनीष कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वैन 21 से 27 अगस्त 2026 तक चम्पावत, लोहाघाट, पाटी और बाराकोट विकासखंडों के दूरस्थ गांवों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचेगी।

जागरूकता वैन के माध्यम से युवाओं, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों को मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना सहित विभिन्न स्वरोजगार और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। इच्छुक लोगों को उद्यम स्थापना, प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग, बाजार से जुड़ाव और उद्यमी पंजीकरण के संबंध में मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा।

कार्यक्रम स्थल पर स्वयं सहायता समूहों और युवाओं के लिए पंजीकरण डेस्क, उत्पाद एवं उद्यम प्रदर्शनी, रेखीय विभागों के मार्गदर्शन सत्र तथा बैंकिंग और ऋण सुविधा सहायता डेस्क स्थापित किए गए। इन व्यवस्थाओं के जरिए प्रतिभागियों को एक ही स्थान पर उद्यमिता से संबंधित जरूरी जानकारी और सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, ताकि अधिक से अधिक लोग स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें।

