हरिद्वार में मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना का शुभारंभ, महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का सहारा

हरिद्वार में मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना का शुभारंभ, महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का सहारा

स्थान :हरिद्वार
रिपोर्टर :धर्मराज

हरिद्वार के विकास भवन में मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही महिलाओं को संबोधित किया। इस दौरान योजना को लेकर महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान उद्यमशाला जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर गांव-गांव के लिए रवाना किया गया। यह वाहन ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को योजना की जानकारी देगा और उन्हें स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा। इसके जरिए अधिक से अधिक लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत ग्रामीणों और महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही उद्यम शुरू करने के लिए पंजीकरण, लाइसेंस, वित्तीय सहायता और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।

कार्यक्रम में रानीपुर विधायक आदेश चौहान भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के माध्यम से महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ समाज में अपनी अलग पहचान बना रही हैं।

विधायक आदेश चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रदेश की करीब तीन लाख महिलाएं लखपति बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना महिलाओं के इन प्रयासों को नई मजबूती देने का काम करेगी और उन्हें अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा और क्षमता की कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ सही मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराने की है। उद्यमशाला योजना के माध्यम से महिलाओं और ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार के लिए आवश्यक जानकारी और सहायता एक ही मंच पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

वहीं कार्यक्रम में शामिल लाभार्थी महिलाओं ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के अपने अनुभव साझा किए। महिलाओं ने बताया कि समूहों से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। पहले जो महिलाएं घर की चारदीवारी तक सीमित थीं, आज वे स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं।

लाभार्थी महिलाओं ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों ने उन्हें आर्थिक मजबूती के साथ आत्मविश्वास भी दिया है। समूहों के माध्यम से महिलाओं को अपने हुनर को व्यवसाय में बदलने और परिवार की आय बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। इससे महिलाओं की सामाजिक भागीदारी भी बढ़ी है।

मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के शुभारंभ के साथ हरिद्वार के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल शुरू हुई है। जागरूकता वाहन के माध्यम से गांव-गांव तक योजना की जानकारी पहुंचाई जाएगी। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को उम्मीद है कि योजना से अधिक महिलाएं और ग्रामीण युवा जुड़ेंगे और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ेंगे।