एमबीपीजी कॉलेज मैदान में नुमाइश को लेकर उठे सवाल, पिछले साल विरोध करने वाली UKD इस बार खामोश

एमबीपीजी कॉलेज मैदान में नुमाइश को लेकर उठे सवाल, पिछले साल विरोध करने वाली UKD इस बार खामोश

स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट

हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज मैदान में प्रस्तावित नुमाइश एक बार फिर चर्चा में आ गई है। पिछले वर्ष इसी स्थान पर आयोजित नुमाइश को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) ने ट्रैफिक जाम, अस्पतालों तक पहुंच में परेशानी और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। पार्टी ने तब आयोजन स्थल को लेकर कई सवाल खड़े किए थे।

एक साल बाद हालात फिर उसी दिशा में नजर आ रहे हैं। आयोजन स्थल वही है, शहर की सड़कें वही हैं और नुमाइश के दौरान भीड़ बढ़ने से यातायात दबाव की संभावना भी बनी हुई है। ऐसे में शहर में चर्चा शुरू हो गई है कि जिन मुद्दों को लेकर पिछले साल UKD ने आवाज उठाई थी, इस बार उन्हीं मुद्दों पर पार्टी की चुप्पी क्यों है।

पिछले कुछ समय में हल्द्वानी में अलग-अलग स्थानों पर छोटी-बड़ी नुमाइशों का आयोजन हो चुका है। ऐसे में आगामी आयोजन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियां अहम मानी जा रही हैं। लोगों का कहना है कि किसी भी बड़े आयोजन से पहले झूलों की तकनीकी जांच, विद्युत सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण की ठोस योजना जरूरी है।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष नुमाइश के दौरान झूले में करंट आने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठे थे। देश के कई हिस्सों में झूले टूटने, आग लगने, तकनीकी खराबी और भगदड़ जैसी घटनाएं सामने आने के बाद ऐसे आयोजनों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।

शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि नुमाइश शुरू होने से पहले सभी आवश्यक अनुमतियों और सुरक्षा प्रमाणपत्रों की स्थिति स्पष्ट की जाए। लोगों का कहना है कि फायर विभाग, विद्युत विभाग और अन्य संबंधित विभागों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने से आयोजन को लेकर विश्वास बढ़ेगा।

वहीं यातायात व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। नुमाइश के दौरान संभावित भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक डायवर्जन प्लान, पार्किंग व्यवस्था और अस्पतालों तक एंबुलेंस की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी।

  • क्या नुमाइश के लिए सभी जरूरी प्रशासनिक अनुमतियां प्राप्त कर ली गई हैं?
  • क्या सभी झूलों की तकनीकी और विद्युत सुरक्षा जांच पूरी हो चुकी है?
  • क्या फायर एनओसी और अन्य सुरक्षा प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं?
  • भीड़ और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए क्या विशेष योजना तैयार है?
  • पिछले साल जिन मुद्दों को लेकर UKD ने विरोध किया था, इस साल उन मुद्दों पर चुप्पी क्यों है?

जनता की सुरक्षा किसी भी आयोजन से बड़ी है। प्रशासन और आयोजकों की जिम्मेदारी है कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें और व्यवस्थाओं की जानकारी सार्वजनिक करें, ताकि किसी भी तरह की आशंका को दूर किया जा सके।