हरेला पर छात्रों ने नुक्कड़ नाटक से दिया पर्यावरण बचाने का संदेश

हरेला पर छात्रों ने नुक्कड़ नाटक से दिया पर्यावरण बचाने का संदेश

स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सरकार

उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर खटीमा में एसके पब्लिक स्कूल, मझोला के विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर अनोखी पहल की। छात्रों ने तहसील परिसर में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर लोगों को वृक्षारोपण और प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक किया।

हरेला पर्व के अवसर पर आयोजित जनजागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपने अभिनय और संवादों के माध्यम से पेड़ों के महत्व को समझाया। छात्रों ने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की।

नुक्कड़ नाटक में बच्चों ने संदेश दिया कि यदि समय रहते पर्यावरण की रक्षा नहीं की गई तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और घटते हरित क्षेत्र के प्रति लोगों को सचेत किया।

कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी खटीमा तुषार सैनी सहित प्रशासनिक अधिकारी, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया।

नुक्कड़ नाटक के बाद तहसील परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। एसडीएम तुषार सैनी, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

एसडीएम तुषार सैनी ने सभी को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वृक्ष हमारी जीवन रेखा हैं और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण के साथ उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।

विद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र सिंह ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण का संदेश देने वाला लोकपर्व है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।

विद्यालय प्रबंधक जगजीत सिंह ने कहा कि वृक्षों के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने लोगों से अपने घर, विद्यालय और आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी सुरक्षा करने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने हरित उत्तराखंड के निर्माण में योगदान देने और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का संकल्प लिया।