यूयूएसडीए कार्यों में देरी पर आयुक्त सख्त, गुणवत्ता और समयसीमा पर दिया जोर

यूयूएसडीए कार्यों में देरी पर आयुक्त सख्त, गुणवत्ता और समयसीमा पर दिया जोर

स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर
: संजय जोशी

कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने मंगलवार को हल्द्वानी में यूयूएसडीए (UUSDA) द्वारा लगभग 230 करोड़ रुपये की लागत से संचालित सड़क और ड्रेनेज सिस्टम निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने और परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।

आयुक्त ने कैंप कार्यालय से पैदल मंगल पड़ाव तक विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने शनि बाजार क्षेत्र में निर्माणाधीन नाले का भी जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को तय समय में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान यूयूएसडीए की परियोजनाओं में हो रही देरी पर आयुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिसे तत्काल दूर किया जाना चाहिए। सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें, ताकि परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें।

दीपक रावत ने यूयूएसडीए अधिकारियों को माइक्रो प्लान तैयार कर तेजी से कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

उन्होंने शहर में निर्माण कार्यों के कारण विभिन्न स्थानों पर बने गड्ढों और आम जनता को हो रही परेशानियों पर भी चिंता व्यक्त की। आयुक्त ने निर्देश दिए कि सड़क खोदने के बाद पुनर्स्थापना का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए तथा सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए।

हाल ही में बरेली रोड पर हुई सड़क दुर्घटना का उल्लेख करते हुए आयुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों के साथ मिलकर दुर्घटना संभावित स्थान पर अंडरपास निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

आयुक्त ने आम नागरिकों से भी अपील की कि वाहन चलाते समय कभी भी गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में वाहन न चलाएं। उन्होंने कहा कि यह न केवल मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि गंभीर और जानलेवा दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण भी बनता है। साथ ही एनएचएआई अधिकारियों को दुर्घटना संभावित स्थलों पर शीघ्र चेतावनी संकेतक (साइनेज) लगाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी, नगर आयुक्त परितोष वर्मा, यूयूएसडीए की परियोजना निदेशक मृदुला सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर गुरप्रीत सिंह, उपजिलाधिकारी मोनिका, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रत्यूष सिंह सहित विद्युत, पेयजल और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।