मानसून के चलते बदरीनाथ धाम में यात्रियों की संख्या घटी

मानसून के चलते बदरीनाथ धाम में यात्रियों की संख्या घटी

स्थान : बद्रीनाथ
ब्यूरो रिपोर्ट

मानसून के प्रभाव के चलते विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम और देश के पहले ऋतु प्रवासी वाइब्रेंट विलेज माणा में तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय कमी देखने को मिल रही है। मौसम में बदलाव के साथ तीर्थाटन और पर्यटन सीजन की रफ्तार भी धीमी पड़ गई है।

धाम के बस टर्मिनल, देवलोक तिराहा, शेषनेत्र क्षेत्र और माणा स्थित भीम पुल के पास देश की पहली सरहदी चाय की दुकान पर भी इन दिनों यात्रियों की भीड़ कम नजर आ रही है। मई-जून की तुलना में इन स्थलों पर आवाजाही काफी घट गई है।

मानसून के कारण बदरीनाथ धाम के आसपास स्थित प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों जैसे चरण पादुका, लीला ढूंगी, माणा भीम पुल, व्यास गुफा, सरस्वती मंदिर, सत्य पथ और केशव प्रयाग में भी पर्यटकों की संख्या आधे से भी कम रह गई है।

हालांकि, मौसम अनुकूल होने के कारण जो श्रद्धालु धाम पहुंच रहे हैं, वे बिना किसी परेशानी के भगवान श्री बदरी विशाल के दर्शन कर रहे हैं। धाम में दर्शन व्यवस्था सामान्य रूप से संचालित हो रही है।

यात्रियों के आंकड़ों के अनुसार सोमवार, 13 जुलाई को बदरीनाथ धाम में 2,014 पुरुष, 1,451 महिला और 210 बच्चों सहित कुल 3,675 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। यह संख्या पीक सीजन की तुलना में काफी कम है।

वहीं, श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद से अब तक लगभग 14 लाख 87 हजार श्रद्धालु भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर चुके हैं। मानसून के बावजूद यात्रा का क्रम लगातार जारी है।

स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन से जुड़े लोगों का कहना है कि बारिश के कारण यात्रियों की संख्या में कमी आई है, जिससे स्थानीय कारोबार भी प्रभावित हुआ है। मौसम सामान्य होने के बाद फिर से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

प्रशासन और मंदिर समिति का कहना है कि मानसून के दौरान भी यात्रा व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की जा रही हैं। श्रद्धालुओं से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई