

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी का 17 जुलाई को प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम परेड मैदान में आयोजित होना था, लेकिन देर शाम प्रशासन द्वारा कार्यक्रम की अनुमति रद्द किए जाने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली। अनुमति निरस्त होने के विरोध में देर रात कांग्रेस नेताओं ने परेड मैदान पहुंचकर प्रदर्शन किया।


रात करीब 11 बजे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता परेड मैदान पहुंचे। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।



परेड मैदान के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन के फैसले का विरोध किया। देर रात तक विरोध-प्रदर्शन जारी रहा और पूरे क्षेत्र में राजनीतिक हलचल का माहौल बना रहा।


कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम की अनुमति अंतिम समय में रद्द करना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उनका कहना था कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी किए जाने के बावजूद प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि सरकार राजनीतिक दबाव में काम कर रही है और विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन के निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण कार्यक्रमों की अनुमति रद्द करना उचित नहीं है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया।


कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इसे “तानाशाही” करार देते हुए फैसले की घोर निंदा की। नेताओं ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगी।
वहीं, पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। देर रात तक परेड मैदान और आसपास के क्षेत्र में पुलिस की निगरानी जारी रही।

