स्कूलों में लगी नशा मुक्ति की पाठशाला, बच्चों को किया जागरूक

स्कूलों में लगी नशा मुक्ति की पाठशाला, बच्चों को किया जागरूक

स्थान : बाज़पुर
रिपोर्टर
: विशेष शर्मा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की नशा मुक्त उत्तराखंड मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं। इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल सीनियर जज ममता पंत के निर्देशन में जिलेभर के विद्यालयों में नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

अभियान के तहत बाजपुर क्षेत्र के अटल उत्कर्ष आदर्श राजकीय इंटर कॉलेज गजरौला में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पीएलवी शिवानी ने नशा जागरूकता शिविर आयोजित कर छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान विद्यालय के शिक्षक भी कार्यक्रम में शामिल हुए और बच्चों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया।

वहीं पीएलवी गीता शर्मा ने राजकीय इंटर कॉलेज गांव बाजपुर में नशा मुक्ति जागरूकता शिविर लगाया। शिविर में बच्चों को बताया गया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ममता पंत ने बताया कि नशा मुक्त अभियान के तहत जिले के सभी पीएलवी को स्कूल और कॉलेजों में जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को नशे के खतरे से बचाना और उन्हें सही दिशा में प्रेरित करना है।

जागरूकता कार्यक्रम में बच्चों को बताया गया कि नशा एक धीमा जहर है, जो धीरे-धीरे व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक और आर्थिक स्थिति को कमजोर कर देता है। कई लोग तनाव या दोस्तों के दबाव में नशे की शुरुआत करते हैं, लेकिन बाद में यह गंभीर लत बन जाती है।

कार्यक्रम में बताया गया कि नशे के कारण कई परिवार बर्बाद हो जाते हैं और समाज में अपराध की घटनाओं को भी बढ़ावा मिलता है। वक्ताओं ने कहा कि नशे की गिरफ्त में आए लोगों से दूरी बनाने के बजाय उन्हें चिकित्सा और परामर्श के माध्यम से इस आदत से बाहर निकालने का प्रयास करना चाहिए।

अटल उत्कर्ष राजकीय इंटर कॉलेज गजरौला के प्रधानाचार्य अंकुर बिश्नोई और विज्ञान वर्ग के प्रवक्ता कुलविंद्र सिंह ने कहा कि नशा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि यह नई समस्याओं की शुरुआत करता है। उन्होंने बच्चों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने की अपील की।

इस दौरान सभी छात्र-छात्राओं को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। बच्चों ने संकल्प लिया कि वे न तो स्वयं नशा करेंगे और न ही किसी अन्य व्यक्ति को नशे की ओर जाने देंगे। साथ ही समाज को नशे की जंजीरों से मुक्त कराने में अपनी भूमिका निभाएंगे।

कार्यक्रम में सैकड़ों छात्र-छात्राओं के साथ रमेश चंद्र, रेखा नेगी, ओमप्रकाश सेठ, कमलजीत कौर, उपकार और भूपेंद्र शर्मा सहित विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि नशा मुक्त समाज बनाने के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे।