

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया का पहला चरण पूरा होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को प्रथम ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने प्रेस वार्ता में बताया कि प्रदेश के कुल 89 लाख मतदाताओं में से 71,33,785 मतदाताओं के नाम प्रारंभिक सूची में शामिल किए गए हैं।


डॉ. जोगदंडे ने बताया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत प्रदेश में मतदान केंद्रों का भी पुनर्निर्धारण किया गया है। पहले राज्य में 11,736 मतदान केंद्र थे, जिन्हें बढ़ाकर अब 12,543 कर दिया गया है, ताकि मतदाताओं को मतदान के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।


उन्होंने बताया कि प्रारंभिक सूची में लगभग 19 लाख ऐसे मतदाता हैं, जिनके आवेदन पत्रों में विभिन्न प्रकार की विसंगतियां पाई गई हैं। ऐसे सभी मतदाताओं को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) की ओर से नोटिस जारी किए जाएंगे। इन मामलों की सुनवाई के लिए न्याय पंचायत स्तर पर क्लस्टर कैंप लगाए जाएंगे, जबकि मैदानी क्षेत्रों में तहसील, नगर निगम, नगर पंचायत और वार्ड स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिन नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर नया नाम जुड़वा सकते हैं। वहीं, नाम हटाने, संशोधन अथवा अन्य सुधार के लिए फॉर्म-7 और फॉर्म-8 का उपयोग किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि करीब आठ लाख लोगों के नाम प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं। इनमें लगभग 1.26 लाख मतदाता मृत पाए गए, चार लाख से अधिक लोगों ने अपना निवास स्थान बदल लिया, जिसके कारण वे पुराने पते पर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके। शेष ऐसे लोग रहे, जो सत्यापन के दौरान अपने पते पर नहीं मिले।

ड्राफ्ट सूची के अनुसार कुल मतदाताओं में लगभग 52 प्रतिशत पुरुष और 47 प्रतिशत महिला मतदाता शामिल हैं। आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि यदि उन्हें सूची में किसी प्रकार की त्रुटि दिखाई देती है तो वे 13 अगस्त तक दावा एवं आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। सभी दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद 15 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।


जिलावार आंकड़ों की जानकारी देते हुए डॉ. जोगदंडे ने बताया कि प्रारंभिक सूची में हरिद्वार जिले में सबसे अधिक लगभग 12 लाख मतदाता दर्ज किए गए हैं। इसके बाद देहरादून में करीब 11.90 लाख और ऊधम सिंह नगर में लगभग 11.55 लाख मतदाता सूची में शामिल हैं। वहीं, सबसे कम मतदाता रुद्रप्रयाग जिले में लगभग 1.80 लाख, चंपावत में 1.88 लाख और बागेश्वर में करीब 2 लाख दर्ज किए गए हैं।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक मतदाता सूची सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भी उपलब्ध करा दी गई है। उन्होंने प्रदेशवासियों से समय रहते सूची का अवलोकन कर आवश्यक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अपील की, ताकि अंतिम मतदाता सूची अधिक सटीक और त्रुटिरहित तैयार की जा सके।

