अग्निवीर अभ्यर्थी की निर्मम हत्या से दहला रानीखेत

अग्निवीर अभ्यर्थी की निर्मम हत्या से दहला रानीखेत

स्थान : अल्मोड़ा
ब्यूरो रिपोर्ट

रानीखेत क्षेत्र के ऐना गांव में एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे क्षेत्र को शोक और आक्रोश में डाल दिया। घर में घुसकर एक युवक की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई, जबकि बीच-बचाव करने आई उसकी बुजुर्ग दादी और बुआ पर भी जानलेवा हमला किया गया। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है।

मृतक की पहचान सागर के रूप में हुई है, जो अपनी बुआ के घर रहकर भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहा था। बताया जा रहा है कि घटना को गांव के ही निवासी जगत बोरा ने अंजाम दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

परिजनों के अनुसार सागर सेना में भर्ती होकर देश सेवा का सपना देख रहा था। हाल ही में घोषित अग्निवीर लिखित परीक्षा के परिणाम में वह सफल भी हो गया था और शारीरिक परीक्षा की तैयारी कर रहा था। लेकिन उसकी सफलता की खुशी परिवार मना पाता, उससे पहले ही यह दर्दनाक घटना घट गई।

हमले के दौरान सागर को बचाने पहुंचीं उसकी बुजुर्ग दादी और बुआ पर भी आरोपी ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिवार का आरोप है कि युवक की हत्या बिना किसी उकसावे के बेहद बेरहमी से की गई।

घटना के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन अल्मोड़ा स्थित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंचे और निष्पक्ष जांच तथा आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। लोगों ने मामले को फास्ट ट्रैक अदालत में चलाकर जल्द न्याय दिलाने की भी मांग उठाई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं और मामले की सभी पहलुओं से गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि विवेचना के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मृतक के परिजनों ने कहा कि सागर का सपना भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना था। उसकी हत्या से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।

इस हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि समाज में भय का माहौल समाप्त हो और भविष्य में कोई भी इस तरह का जघन्य अपराध करने का साहस न कर सके।