जनसेवा शिविर में स्वास्थ्य जांच, टीबी के दो मरीज मिले

जनसेवा शिविर में स्वास्थ्य जांच, टीबी के दो मरीज मिले

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

बहादराबाद ब्लॉक में ‘सेवा, सुशासन और समर्पण’ पखवाड़े के तहत आयोजित जनसेवा शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया गया। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनीं और मौके पर उनके समाधान का प्रयास किया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरती बहल ने बताया कि शिविर में सामान्य ओपीडी के साथ महिला रोग, नेत्र रोग और अस्थि रोग विशेषज्ञों ने भी मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। ग्रामीणों को आवश्यक परामर्श देने के साथ जरूरतमंदों को उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।

टीबी उन्मूलन अभियान के तहत शिविर में 127 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें से 25 लोगों का मोबाइल एक्स-रे वैन के माध्यम से चेस्ट एक्स-रे कराया गया, ताकि संभावित मरीजों की समय रहते पहचान की जा सके।

जांच के दौरान चार लोगों में टीबी के लक्षण संदिग्ध पाए गए। इनमें से दो मरीजों में टीबी की पुष्टि होने पर उनकी निक्षय आईडी बनाकर तत्काल उपचार शुरू कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि मरीजों की नियमित निगरानी भी की जाएगी।

शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ ग्रामीणों की विभिन्न समस्याएं भी सुनी गईं। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने शिकायतों का मौके पर समाधान करने का प्रयास किया और आवश्यक मामलों में त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को प्रतिदिन अपने स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सभी सीएचओ के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है, जिससे स्वास्थ्य केंद्रों पर नियमित सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें और आम जनता को समय पर इलाज मिल सके।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि ऐसे जनसेवा शिविरों का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को सीधे लोगों तक पहुंचाना, गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान करना और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।