

स्थान : अल्मोड़ा
ब्यूरो रिपोर्ट

देवभूमि उत्तराखण्ड सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री राजपाल पवार ने कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान की मांग को लेकर नगर निगम अल्मोड़ा परिसर में आमरण अनशन शुरू कर दिया। अनशन से पहले संघ के बैनर तले सैकड़ों सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम से विशाल जुलूस निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया।


संघ का कहना है कि लंबे समय से सरकार और संबंधित विभाग के समक्ष कर्मचारियों की समस्याएं उठाई जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। इसी के विरोध में कर्मचारियों ने आंदोलन तेज करते हुए आमरण अनशन का रास्ता अपनाया है।



सफाई कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगों में सफाई व्यवस्था में लागू ठेका प्रथा को पूरी तरह समाप्त करना और वर्षों से कार्यरत ठेका कर्मचारियों को नियमित किया जाना शामिल है। संघ का कहना है कि लंबे समय से सेवाएं देने वाले कर्मचारियों को स्थायी नियुक्ति का लाभ मिलना चाहिए।


संघ ने नियमितीकरण नियमावली-2025 में निर्धारित वर्ष 2018 की कटऑफ तिथि को संशोधित कर वर्ष 2024-25 तक करने की मांग भी उठाई है। साथ ही महिला स्वच्छता समिति और आउटसोर्स के माध्यम से वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को भी नियमावली में शामिल कर नियमित करने की मांग की गई है।
कर्मचारियों ने पर्यावरण मित्रों को आवासों का मालिकाना हक देने तथा सफाई कर्मचारियों के पद को विशेष श्रेणी का घोषित करने की मांग की है। इसके अलावा मृतक आश्रित नियमावली में शिथिलता बरतने की भी मांग की गई है, ताकि कर्मचारियों के आश्रितों को राहत मिल सके।

संघ ने नई पेंशन योजना समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू करने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि पुरानी पेंशन व्यवस्था कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।


आंदोलनकारियों ने वर्षों से कार्यवाहक पर्यावरण पर्यवेक्षक और कनिष्ठ सहायक लिपिक के पदों पर कार्य कर रहे पर्यावरण मित्रों को पदोन्नति देने की भी मांग की। उनका कहना है कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद उन्हें पदोन्नति का लाभ नहीं मिला है।
राजपाल पवार ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

