हल्द्वानी पुलिस ने साइबर तकनीक से लापता युवक को परिवार से मिलाया

हल्द्वानी पुलिस ने साइबर तकनीक से लापता युवक को परिवार से मिलाया

स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट

हल्द्वानी पुलिस की सतर्कता, साइबर तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता के चलते कई माह से लापता एक युवक अब अपने परिवार से मिल सकेगा। पुलिस ने मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक की पहचान कर उसके परिजनों से संपर्क स्थापित किया है।

जानकारी के अनुसार सोमवार को आर्मी कैंट एरिया राजपुरा से नायब सूबेदार पी.सी. प्रधान (यूनिट-301) अपने साथ हवलदार अमर नाथ यादव, हवलदार मूर्ति, लांस नायक बबलू शर्मा और नायक सुभाष कुमार के साथ एक संदिग्ध व्यक्ति को कोतवाली हल्द्वानी लेकर पहुंचे। सेना अधिकारियों ने बताया कि उक्त व्यक्ति प्रतिबंधित आर्मी क्षेत्र में दीवार फांदकर प्रवेश कर गया था, जिसे जवानों ने सतर्कता दिखाते हुए पकड़ लिया।

कोतवाली हल्द्वानी पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ की, लेकिन वह अपना नाम केवल इरफान बता पा रहा था। पूछताछ में वह आर्मी क्षेत्र में प्रवेश करने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बता सका। पुलिस को प्रथम दृष्टया युवक के मानसिक रूप से अस्वस्थ होने की संभावना नजर आई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गोपनीय एजेंसियों से भी समन्वय स्थापित कर युवक के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया। जांच के दौरान सभी स्तरों पर पूछताछ और परीक्षण के बाद युवक की मानसिक स्थिति संदिग्ध पाई गई।

अपर पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार के निर्देश पर पुलिस ने युवक का फोटो लेकर नेटग्रिड तकनीक के माध्यम से उसकी पहचान कराने का प्रयास किया। साइबर तकनीक के सफल इस्तेमाल से युवक की पहचान इरफान पुत्र…, उम्र करीब 36 वर्ष, निवासी ग्राम सिगोही, थाना तुलसीपुर, जनपद बलरामपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई।

पहचान होने के बाद हल्द्वानी पुलिस ने तत्काल डीसीआर बलरामपुर से संपर्क किया और युवक की जानकारी साझा की। इसके बाद ग्राम प्रधान और इरफान के परिजनों से संपर्क स्थापित हो सका। परिजनों ने बताया कि करीब साढ़े तीन से चार माह पहले वे इरफान को इलाज के लिए गोरखपुर लेकर गए थे, जहां से वह अचानक लापता हो गया था।

परिजनों ने बताया कि उन्होंने इरफान की काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया था। हल्द्वानी पुलिस से मिली सूचना के बाद परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।

परिजनों ने बताया कि वे जल्द ही हल्द्वानी पहुंचकर इरफान को अपने साथ घर ले जाएंगे। पुलिस की इस पहल से एक परिवार को लंबे समय बाद अपने बिछड़े सदस्य के मिलने की उम्मीद जगी है।

हल्द्वानी पुलिस की इस कार्रवाई की उच्चाधिकारियों ने भी सराहना की है। पुलिस का कहना है कि तकनीक के साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए जरूरतमंद लोगों की मदद करना उनकी प्राथमिकता है।

इस सराहनीय कार्य में वरिष्ठ उप निरीक्षक रोहताश सिंह सागर और कांस्टेबल नरेंद्र धामी (साइबर सेल) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की तत्परता और साइबर तकनीक के बेहतर उपयोग से एक लापता व्यक्ति को उसके परिवार तक पहुंचाने में सफलता मिली।