

स्थान : द्वाराहाट
ब्यूरो रिपोर्ट

द्वाराहाट विकासखंड की ग्राम सभा मल्ली मिरई को उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी द्वारा गोद लिया गया है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ पलायन की समस्या को कम करना है। विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिया गया यह पहला गांव है।


विश्वविद्यालय की इस पहल के तहत गांव के युवाओं, महिलाओं और विद्यार्थियों को रोजगारपरक एवं कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही आधुनिक तकनीक के माध्यम से ऑनलाइन शिक्षा की सुविधा भी प्रदान की जाएगी, ताकि ग्रामीणों को घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शिक्षण संसाधन मिल सकें।


कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न विषयों पर समय-समय पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यशालाओं में स्वरोजगार, उद्यमिता, डिजिटल साक्षरता, कृषि आधारित आजीविका और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण आत्मनिर्भर बन सकें।

विश्वविद्यालय का मानना है कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और कौशल विकास के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो युवाओं का शहरों की ओर पलायन काफी हद तक रोका जा सकता है। इसी सोच के साथ गांव में विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा।
मल्ली मिरई गांव के चयन से स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय की इस पहल से युवाओं और महिलाओं को नई शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे गांव का सामाजिक और आर्थिक विकास तेज होगा।

विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में इस मॉडल को अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी लागू करने की योजना है। यदि यह पहल सफल रहती है तो प्रदेश के अन्य गांवों को भी इसी प्रकार गोद लेकर शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से सशक्त बनाया जाएगा।


स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे गांव के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उनका कहना है कि शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर मिलने से ग्रामीणों का जीवन स्तर सुधरेगा और पलायन की समस्या पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

