मानसून की पहली बारिश बनी आफत, दो कच्चे मकान ढहे, शादी का सामान मलबे में दबा

मानसून की पहली बारिश बनी आफत, दो कच्चे मकान ढहे, शादी का सामान मलबे में दबा

स्थान : भगवानपुर
ब्यूरो रिपोर्ट

मानसून की पहली तेज बारिश कई क्षेत्रों में लोगों के लिए आफत बनकर सामने आई है। लगातार हुई बारिश से जगह-जगह जलभराव और रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं। वहीं भगवानपुर क्षेत्र के खेड़ी शिकोहपुर गांव में बारिश के चलते दो कच्चे मकान भरभराकर गिर गए, जिससे प्रभावित परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, गांव निवासी शमीम अंसारी और रफी कुरैशी के कच्चे मकान तेज बारिश के कारण अचानक ढह गए। मकान गिरने से घर का अधिकांश सामान मलबे में दब गया। घटना के बाद दोनों परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं और उनके सामने रहने तथा दैनिक जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है।

बताया गया कि शमीम अंसारी के घर कुछ महीनों बाद बेटी की शादी होनी थी। शादी के लिए जुटाया गया घरेलू सामान, कपड़े और अन्य जरूरी सामग्री मकान के मलबे में दबकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस नुकसान से परिवार गहरे सदमे में है और शादी की तैयारियों पर भी संकट के बादल मंडरा गए हैं।

बारिश के कारण कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों के सामने भोजन बनाने, रहने, बैठने और रात गुजारने तक की समस्या खड़ी हो गई है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि एक ही रात की बारिश ने उनकी वर्षों की मेहनत और जमा-पूंजी को बर्बाद कर दिया।

गनीमत रही कि मकान गिरने से पहले आसपास के लोगों ने सतर्कता दिखाते हुए दोनों परिवारों को बाहर निकाल लिया। पड़ोसियों ने बताया कि यदि समय रहते लोगों को बाहर नहीं निकाला जाता तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों ने राहत और मुआवजे की मांग करते हुए प्रशासन से तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की अपील की है।

घटना की जानकारी हमारे संवाददाता द्वारा उपजिलाधिकारी (एसडीएम) भगवानपुर को दी गई। एसडीएम ने बताया कि राजस्व टीम को मौके पर भेजा जा रहा है और नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मानसून के दौरान जर्जर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की जाए तथा प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत सामग्री और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे इस कठिन समय से उबर सकें।