लंबित मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

लंबित मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

स्थान : ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट

अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर नाराजगी जताई और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे लंबे समय से अपने मानदेय में वृद्धि, प्रोत्साहन राशि का समय पर भुगतान तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग कर रही हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। इससे कार्यकर्ताओं में निराशा और असंतोष बढ़ता जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं से लगातार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई जाती हैं, लेकिन उनके श्रम और योगदान के अनुरूप उन्हें उचित सम्मान और आर्थिक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कई बार मांग उठाने के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं, लोगों को जागरूक किया और टीकाकरण सहित विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बावजूद उनकी जायज मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाया जाए, प्रोत्साहन राशि का नियमित और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा अन्य लंबित सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे बेहतर ढंग से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।

एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक एवं तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और स्वास्थ्य विभाग की होगी।

आशा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगी और मांगें पूरी होने तक आंदोलन वापस नहीं लेंगी। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं और एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की।